रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित निलंबित आईपीएस जीपी सिंह को आखिरकार एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता पायी है। गिरफ्तारी के बाद जीपी सिंह को रायपुर लाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और राजद्रोह के मामले में फंसे जीपी सिंह लंबे समय से फरारी काट रहे थे। एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम जीपी सिंह को गिरफ्तार करने दिल्ली गई थी। ऐसी खबर सामने आई थी कि दिल्ली गई टीम के सदस्य कोरोना से संक्रमित हो गये है, हालांकि यह खबर जीपी सिंह को पकडऩे के लिए अफवाह के रूप में फैलाई गई थी ऐसा प्रतीत हो रहा है। टीम ने मौका पाते ही जीपी सिंह को तलाश कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद टीम उन्हें रायपुर लेकर आ रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक अधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि नहीं हो पायी है।
ज्ञात हो कि जीपी सिंह ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद से एसीबी-ईओडल्यू ने उसकी गिरफ्तारी के लिए तैयारी तेज करते हुए एक स्पेशल टीम को दिल्ली रवाना किया था।
यह भी विदित हो कि एडीजी के पद पर पदस्थ रह चुके निलंबित आईपीएस जीपी सिंह के घर से लेकर अन्य ठिकानों पर एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई की थी। इस कार्यवाही में जीपी सिंह की आय से अधिक 10 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया था। इसके अलावा एसीबी को जीपी सिंह के घर से की एक डायरी भी हाथ लगी है जिसमें सरकार के खिलाफ षडय़ंत्र रचने का जिक्र किया गया है जिसके बाद एसीबी की टीम कोतवाली थाना में जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की है।