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टीबी मुक्त सूरजपुर की ओर बढ़ते कदम : वनांचल तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाएं

by Bhupendra Sahu

रायपुर “टीबी हारेगा, सूरजपुर जीतेगा” अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि जिले का सामूहिक संकल्प बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में सूरजपुर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने 24 मार्च 2026, विश्व टीबी दिवस के अवसर पर 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की है। यह चरण पहले चरण की उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए और अधिक प्रभावी रणनीति के साथ संचालित किया जा रहा है।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब खदान प्रभावित क्षेत्रों, झुग्गी बस्तियों, सुदूर जनजातीय गांवों, प्रवासी मजदूरों के ठिकानों और छात्रावासों तक पहुंचकर घर-घर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान चला रही हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार माइक्रो प्लान के माध्यम से प्रत्येक संभावित मरीज तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने के लक्ष्य के साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।

टीबी उन्मूलन में पोषण की अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए निश्चय पोषण योजना के तहत प्रत्येक मरीज को उपचार अवधि में 6,000 रुपये तक की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जा रही है, ताकि उपचार के दौरान पोषण संबंधी कमी न हो। इस अभियान की खास बात समाज की सक्रिय भागीदारी है। जिले में 113 निश्चय मित्र टीबी मरीजों की सहायता में जुटे हैं। विभिन्न संस्थाओं और कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत 211 मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता दी जा रही है। वहीं 89 निश्चय मित्रों द्वारा 144 मरीजों को गोद लेकर उनकी देखभाल की जा रही है। इसके अलावा माय भारत वॉलंटियर और एनएसएस के युवाओं द्वारा भी मरीजों को सामाजिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

दिसंबर 2024 में प्रारंभ हुए अभियान के पहले चरण में 1.84 लाख से अधिक संवेदनशील व्यक्तियों की पहचान की गई। इनमें से 30,952 लोगों की एक्स-रे जांच की गई, जिसमें 1,256 मामलों में असामान्यता मिलने पर मॉलिक्यूलर टेस्ट कराया गया। साथ ही 9,127 लक्षणयुक्त व्यक्तियों की सीधे जांच की गई, जिससे 627 नए मरीजों की पहचान कर उनका उपचार प्रारंभ किया गया।

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य तंत्र और समाज की साझी भागीदारी से सूरजपुर टीबी मुक्त जिले की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। समय पर जांच और उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है, इसलिए लापरवाही से बचते हुए जागरूक रहना आवश्क है।

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