Home » सेवा ही सच्ची साधना, यही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सेवा ही सच्ची साधना, यही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

by Bhupendra Sahu

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि एक व्यक्ति जब अपने पूरे जीवन को समाज के लिए समर्पित कर देता है, तब वह केवल व्यक्ति नहीं, एक विचार बन जाता है। स्व. भगवत शरण माथुर भी ऐसा ही एक जीवंत विचार थे। उन्होंने अपने जीवन में यह सिद्ध कर दिया कि समाज की सेवा ही ईश्वर की सच्ची साधना है। समाज सेवा ही हर मनुष्य के जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी निजी सुख-सुविधाओं को त्याग कर समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए जो कार्य किए, वे आज भी हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर मूलरूप से राजगढ़ जिले के निवासी थे। उनका जन्म सीका गांव में हुआ था। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्रीय सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने तथा शिक्षा के प्रसार के लिए प्रकल्प स्थापित कर इस दिशा में विशेष प्रयास किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को ‘श्री नर्मदे हर सेवा न्यास’ के संस्थापक अध्यक्ष स्व. भगवत शरण माथुर की जयंती पर न्यास के मुख्यालय अमरकंटक में आयोजित विचार गोष्ठी सह श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाजसेवी स्व. माथुर की जयंती पर उन्हें विन्रम श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महादेव की कृपा से सिद्ध क्षेत्र अमरकंटक से मां नर्मदा, सोन और जोहिला प्रकट होकर त्रिवेणी धारा प्रवाहित करती हैं। इसी स्थान से निकलकर मां नर्मदा मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों को आशीर्वाद देती है। सोन नदी भी आगे जाकर गंगा की धारा को समृद्ध करती है। जीवनभर का पुण्य होने पर ही अमरकंटक आने का अवसर मिलता है। परमात्मा ने इस स्थान को जी भरकर आशीर्वाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. माथुर ने अपनी अंतिम सांस तक भारत माता और नर्मदा माता की सेवा कर उनका आशीष पाया।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More