केंद्र सरकार के कर्मियों और पेंशनरों को पहली जुलाई से महंगाई भत्ता ‘डीए’ व महंगाई राहत ‘डीआर’ मिलने की राह प्रशस्त हो गई है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के एजेंडे वाली टेबल पर ‘डीए/डीआर’ की फाइल पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, अब उस फाइल पर कैबिनेट की मुहर लगना बाकी है। इससे पहले भी जब कभी वह फाइल टेबल पर पहुंची है, डीए/डीआर की घोषणा हुई है। इस बार डीए/डीआर में चार से पांच फीसदी की वृद्धि हो सकती है। मौजूदा समय में 34 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। अगर इसमें चार फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो डीए/डीआर की दर 38 फीसदी तक पहुंच जाएगी। विपक्ष भी महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमले कर रहा है।
महंगाई भत्ते में 4-5 फीसदी की बढ़ोतरी तय …
केंद्र सरकार, एक वर्ष में दो बार यानी जनवरी व जुलाई में खुदरा महंगाई के आंकड़ों के आधार पर डीए/डीआर की दरों में संशोधन करती है। देश में अगर मौजूदा स्थिति की बात करें तो महंगाई बढ़ती जा रही है। महंगाई का स्तर, ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया’ के अनुमान से ऊपर पहुंच गया है। खुदरा महंगाई दर, जून माह में सात फीसदी से ऊपर रही है। इस साल जनवरी माह से ‘डीए/डीआर’ में तीन फीसदी की वृद्धि हुई थी। नतीजा, डीए/डीआर की दर 34 फीसदी पर पहुंच गई थी। अब पहली जुलाई से महंगाई भत्ते में 4-5 फीसदी की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स का डेटा भी डीए/डीआर में पांच फीसदी तक की बढ़ोतरी की संभावना जता रहा है। केंद्र सरकार द्वारा डीए/डीआर में वृद्धि करने के बाद सभी राज्य सरकारें भी अपने-अपने कर्मियों को यह फायदा प्रदान करती हैं।
47 लाख कर्मियों व 63 लाख पेंशनरों को पहुंचेगा लाभ