ईस्ट लंदन। भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को फाइनल से पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले त्रिकोणीय टी20 क्रिकेट श्रृंखला के मैच में अपने रवैए में आक्रामकता लानी होगी। वेस्टइंडीज के पहले तीनों मैच गंवाने के कारण भारत और दक्षिण अफ्रीका पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं। ऐसे में दो फरवरी को होने वाले फाइनल से पहले यह मैच उसकी ‘ड्रेस रिहर्सल’ की तरह होगा। अगर स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर की अनुभवी जोड़ी ने अपनी भूमिका अच्छी तरह से नहीं निभाई होती तो भारतीय टीम पिछले लीग मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ प्रतिस्पर्धी स्कोर नहीं बना पाती।
इन दोनों खिलाड़ियों से जहां निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद की जा रही है वहीं कप्तान को युवा खिलाड़ियों से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। शेफाली वर्मा की अनुपस्थिति में पारी का आगाज कर रही यास्तिका भाटिया पावरप्ले में आक्रामक रवैया अपनाने में नाकाम रही है। अभी तो भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज से हो रहा है लेकिन विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ इस तरह का रवैया टीम को मुश्किल में डाल सकता है।
शेफाली की तरह अंडर-19 विश्व कप में खेल रही रिचा घोष की अनुपस्थिति में भारत को मध्यक्रम में एक ‘पावर हिटर’ की कमी खल रही है। अमनजीत कौर ने अपने पदार्पण मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और वह उसे दोहराने की कोशिश करेगी। जेमिमा रोड्रिग्स की खराब फॉर्म ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला से ही जारी है और वह अगले महीने होने वाले विश्व कप से पहले कुछ रन अपने नाम लिखवाना चाहेगी।