Home » मेरी कहानी, मेरी जुबानी बिहान योजना से बदली अर्चना सिंह की तकदीर

मेरी कहानी, मेरी जुबानी बिहान योजना से बदली अर्चना सिंह की तकदीर

by Bhupendra Sahu

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना आज ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में जहां आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, वहीं “मेरी कहानी, मेरी जुबानी” पहल के माध्यम से प्रेरणादायक सफलता की कहानियां भी सामने आ रही हैं।

इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के ग्राम पचावल की श्रीमती अर्चना सिंह की सफलता कहानी विशेष रूप से उल्लेखनीय है। श्रीमती अर्चना सिंह बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूह से जुड़कर आज आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्राप्त हुए, जिससे उनके भीतर आत्मविश्वास और उद्यमिता कौशल का विकास हुआ।

श्रीमती अर्चना सिंह ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से 2 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर राइस मिल की स्थापना की। वर्तमान में वे सफलतापूर्वक राइस मिल का संचालन कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। इस आय ने न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार लाया है।

श्रीमती अर्चना बताती हैं कि पहले वे सीमित संसाधनों में जीवनयापन कर रही थीं, लेकिन बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज वे न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More