रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि बस्तर अब शांति और विश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने जोर दिया कि इस सकारात्मक बदलाव को स्थायी बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, जल व पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्रों में नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। राज्यपाल आज जगदलपुर कलेक्टोरेट के ‘प्रेरणा’ सभाकक्ष में जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचार और जनभागीदारी का आह्वान किया राज्यपाल ने
प्राकृतिक संसाधनों से गढ़ा जाए विकास का मॉडल
राज्यपाल श्री डेका ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस्तर की समृद्ध प्राकृतिक संपदा का समुचित उपयोग करते हुए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास मॉडल तैयार करें। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा एवं स्वास्थ्य, ड्रॉप-आउट बच्चों को पुनः स्कूलों से जोड़ने के लिए सामुदायिक प्रयास किए जाएं। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुँचाना सुनिश्चित करें।
बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचार और जनभागीदारी का आह्वान किया राज्यपाल ने
आजीविका एवं नवाचार
पारंपरिक कौशल और वनोपज को आधुनिक बाजार से जोड़ने के लिए नए प्रयोग किए जाएं। जैविक खेती, बकरीपालन, कुक्कुटपालन और मत्स्य पालन जैसी सहायक कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए। स्थानीय कोसा वस्त्रों के मूल्य संवर्धन के लिए उनके डिजाइन में समसामयिक बदलाव करें, ताकि वे वैश्विक बाजार में अधिक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बन सकें।
महिला सशक्तिकरण
महिला स्व-सहायता समूहों को मशरूम, अदरक और हल्दी की खेती के लिए प्रेरित करें। उन्हें अलग-अलग मौसम के अनुरूप विविध उत्पाद तैयार करने और सीधे बाजार से जोड़ने में सहायता प्रदान करें।