लखनऊ । हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा आतंकी यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार उ.प्र. शासन एवं डीजीपी के निर्देशन में एडीजी एटीएस के पर्यवेक्षण में सहारनपुर टीम ने प्राप्त की एक बड़ी सफलता। एटीएस ने इसके कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन सिम और 1220 रुपये बरामद किया है। एटीएस उत्तर प्रदेश को सहयोगी एजेंसी से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक व्यक्ति अहमद रजा उफऱ् शाहरुख उर्फ मोहीउद्दीन जो ग्राम मिलक गुलडिय़ा, पोस्ट-कांकर खेड़ा, थाना-मूढ़ा पांडे, जनपद-मुरादाबाद, उ.प्र. का निवासी सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन व पाकिस्तान के आतंकी हैंडलर्स के लगातार सम्पर्क में है। वह पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान जाकर आतंकी कमाण्डों ट्रेनिंग लेकर भारत में आतंकी घटना कारित करने का मंसूबा बना रहा है।एटीएस फील्ड इकाई सहारनपुर द्वारा उपरोक्त आसूचना को तकनीकी व भौतिक रूप से विकसित कर संदिग्ध व्यक्ति अहमद रजा से गुरुवार को विस्तृत पूछताछ की गयी व उसके मोबाइल का प्राथमिक अवलोकन किया गया।
मोबाइल की गैलरी में हथियारों की फोटोज, चैट के स्क्रीन शॉट व जिहादी वीडियो संचित मिले, जिनके सम्बंध में अहमद रजा कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दे पाया और अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इस सम्बंध में थाना एटीएस लखनऊ पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त अहमद रजा को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तान व अफगानिस्तान में लड़ रहे विभिन्न जिहादी संगठन के मुजाहिदीनों से प्रभावित है और उनकी जिहादी सोच और कार्यवाहियों पर बहुत विश्वास करता है। अहमद ने हिन्दुस्तान में काफिरों व काफिर सरकार के खिलाफ जिहाद करके जम्हूरियत की सरकार को हटाकर शरिया कानून लाने को अपनी जिन्दगी का मकसद बना लिया था। इसके लिए वह हिजबुल मुजाहिदीन पीर पंजाल तंजीम से जुड़े हुए सीनियर मुजाहिद साथी फिरदौस, निवासी-अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर से लगातार सम्पर्क में था। फिरदौस ने ही इसे हिजबुल मुजाहिद्दीन पीर पंजाल में शामिल होने की बैयत शपथ दिलवाई थी। हिन्दुस्तान में जिहाद करने एवं अपनी तंजीम को मजबूत बनाने के लिए इसे अपने सीनियर मुजाहिद साथियों(अमीरों) से ये हिदायत मिली थी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जिहादी बनाकर अपनी तंजीम से जोड़े।
इसके लिए अहमद रजा लोगों से मिलकर और सोशल मीडिया के जरिए ऌट में जुडऩे की दावत देता था और लोगों में हिंसात्मक जिहाद भरने के लिए सोशल मीडिया में जिहादी वीडियो पोस्ट करता था। अपने मुजाहिद साथियों फिरदौस व पाकिस्तानी आतंकी हैंडलर के कहने पर अहमद दो बार श्रीनगर, अनंतनाग जम्मू-कश्मीर, हथियारों की ट्रेनिंग लेने गया था। अपने आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिए ये अहसान गाजी की मदद से अफगानिस्तान जाकर बद्री कमांडो बनना चाहता था।
अहमद रजा ने कहा कि वो भारत के संविधान और सरकार को नहीं मानता और विश्वास करता है कि एक न एक दिन हिन्दुस्तान में भी शरिया लागू होगा। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पीसीआर में लेने एवं मोबाइल फोन के डेटा एक्सट्रैक्शन के लिए एफएसएल से संपर्क कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा जाएगी। जम्मू कश्मीर के फिरदौस की शिनाख्त एवं गिरफ्तारी के भी प्रयास यूपी एटीएस करेगी।