नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में ‘परीक्षा पर चर्चा’ 2023 के छठे संस्करण के दौरान छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों को सफलता का मंत्र दिया और अभिभावाकों को भी कुछ जरूरी सलाह दी। आइए जानते हैं कि कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें…
‘परीक्षा पे चर्चा’ मेरी भी परीक्षा: PM
PM मोदी ने कहा कि ‘परीक्षा पे चर्चा’ मेरी भी परीक्षा है और देश के कोटि-कोटि विद्यार्थी मेरी परीक्षा ले रहे हैं… मुझे ये परीक्षा देने में आनंद आता है। परिवारों को अपने बच्चों से उम्मीदें होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर यह सिर्फ सामाजिक स्थिति बनाए रखने के लिए है, तो यह खतरनाक हो जाता है।
‘समय के प्रबंधन के प्रति जागरूक रहना चाहिए’
उन्होंने कहा कि सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं वैसे भी जीवन में हमे समय के प्रबंधन के प्रति जागरूक रहना चाहिए। काम का ढेर इसलिए हो जाता है क्योंकि समय पर उसे नहीं किया। काम करने की कभी थकान नहीं होती, काम करने से संतोष होता है। काम ना करने से थकान होती है कि इतना काम बचा है।
‘क्या आपने कभी अपनी मां के समय प्रबंधन कौशल को देखा है?’
‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि क्या आपने कभी अपनी मां के समय प्रबंधन कौशल को देखा है? एक मां अपने द्वारा किए जाने वाले अपार कार्यों से कभी भी बोझिल महसूस नहीं करती है। अगर आप अपनी मां को ध्यान से देखेंगे, तो आप समझ पाएंगे कि अपने समय का अच्छे से प्रबंधन कैसे किया जाता है।
‘नकल से जिंदगी नहीं बन सकती’
PM मोदी ने कहा कि मेहनती बच्चों को चिंता रहती है कि मैं मेहनत करता हूं और कुछ लोग चोरी कर अपना काम कर लेते हैं। ये जो मूल्यों में बदलाव आया है ये सामज के लिए खतरनाक है। अब जिंगदी बदल चुकी है जगत बहुत बदल चुका है। आज हर कदम पर परीक्षा देनी पड़ती है। नकल से जिंदगी नहीं बन सकती है।
PM बोले- कभी भी दबावों के दबाव में न रहें
उन्होंने कहा कि हम राजनीति में कितने ही चुनाव क्यों न जीत लें लेकिन ऐसा दवाब पैदा किया जाता है कि हमें हारना नहीं है। चारों तरफ से दबाव बनाया जाता है। क्या हमें इन दबावों से दबना चाहिए? अगर आप अपनी एक्टिविटी पर फोकस रहते हैं तो आप ऐसे संकट से बाहर आ जाएंगे। कभी भी दबावों के दबाव में न रहें।