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सबसे अच्छी शैक्षणिक विधि का उपयोग कर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों को करेंगे विकसित

by admin

प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने बताया किस तरह सर्वोत्तम शैक्षणिक विधियों का इस्तेमाल कर बेहतरीन शिक्षा दी जाएगी.

दुर्ग। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में इस सत्र की पढ़ाई को लेकर गहन समीक्षा, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला एवं कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने की। बैठक में डॉ. शुक्ला ने कहा कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों को इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर बेहतरीन तो बनाया ही गया है, साथ ही साथ यहां पढ़ाई भी बेहतरीन होगी और सर्वाधिक नवीनतम शैक्षणिक विधियों का इस्तेमाल किया जाएगा। कक्षाएं ज्यादा से ज्यादा इंटरएक्टिव होंगी ताकि बच्चों का व्यक्तित्व निखरे। दसवीं के बाद विषय चयन के लिए बच्चों के लिए काउंसलिंग का इंतजाम होगा। लैब वर्क भी ज्यादा से ज्यादा इंटरैक्टिव होगा। डॉ. शुक्ला ने पढ़ने की आदत पर विशेष जोर देते हुए कहा कि लाइब्रेरी बेहतरीन होनी चाहिए। साथ ही बच्चों के भीतर पढ़ने की आदत भी विकसित करनी पड़ेगी । इसके लिए लाइब्रेरी में पुस्तकों का बेहतर चयन होना चाहिए ताकि बच्चों का मनोरंजन भी हो और ज्ञानवर्धन भी हो। उन्होंने कहा कि टीचर आपस में प्रोफेशनल लर्निंग ग्रुप बनाएं ताकि आपस में चर्चा के दौरान किस तरह बच्चों के लिए बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है, इस दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि पेरेंट्स को भी जोड़ना बहुत ही आवश्यक है। नियमित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से पेरेंट्स के साथ इंटरेक्शन किया जाए, उन्हें यह भी बताया जाए कि बच्चों की घर में भी पढ़ाई बेहद महत्वपूर्ण है, क्लास की पढ़ाई के साथ घर में पढ़ाई होने से एक बेहतरीन शिक्षा का रास्ता बच्चों के लिए खुलेगा। उन्होंने कहा कि स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों को बेहतरीन मानदंड के रूप में स्थापित करना है ताकि यहां के स्तर से अन्य स्कूल भी तुलना कर सके और इसकी बराबरी में आने की कोशिश कर सकें। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने कहा कि सभी प्राचार्य एवं शिक्षक, गणित के लिए बेहतरीन प्रयास कर रहे हैं तथा एकेडमिक कैलेंडर के मुताबिक बच्चों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान की जा रही है। बच्चों की अंग्रेजी अच्छी हो इसके लिए विशेष रुप से ध्यान दिया जा रहा है ताकि वे नए मीडियम के अनुकूल महसूस कर सकें। कलेक्टर ने बताया कि अपर कलेक्टर सुश्री नूपुर राशि पन्ना को इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित दिक्कतों को देखने के निर्देश दिए गए थे ताकि इन्हें जल्द से जल्द ठीक किया जा सके। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी को यह निर्देशित किया गया है कि जिस तरह के भी नवाचार इन स्कूलों में शिक्षा की बेहतरी के लिए हो सकते हैं उन्हें अमल में लाएं। इन स्कूलों में शिक्षा की व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है तथा यह निश्चय ही शासन की मंशा के अनुरूप सर्वोत्तम मानदंड में खरे उतरेंगे।

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