Home » विधिक शिविर में ग्राम वासियों को नशा उन्मूलन के संबध में दी गई कानूनी जानकारी

नालसा की (श्रमिकों के लिए विधिक सेवाऐं योजना के अंतर्गत) ग्राम-रसमड़ा में असंगठित श्रमिक वर्ग को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाये जाने के लिए श्रम विभाग के सहयोग से किया गया पंजीयन कार्य
-विधिक शिविर में ग्राम वासियों को नशा उन्मूलन के संबध में दी गई कानूनी जानकारी

दुर्ग / जिला एवं सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन एवं दिशानिर्देश पर ग्राम रसमडा में हमार अंगना योजना के तहत सर्वे का कार्य 14 जनवरी से प्रारंभ किया गया था। जिसका आज समापन किया गया। ग्राम रसमडा के 1000 घरों का सर्वे किया गया। सर्वे कार्य में कुछ घरों में घरेलू हिंसा से संबंधित छोटी शिकायत प्राप्त हुई जिसे मौके पर ही सुलझा कर समझौता कराकर समाप्त कर दिया गया। ग्राम रसमडा में सर्वे कार्य के दौरान यह शिकायत प्राप्त हुई कि नशे की अवैध बिक्री की जा रही, जिस के संबंध में आबकारी अधिकारी एवं पुलिस चैकी अंजोरा को भी अवैध रूप से किए जाने वाले शराब के विरूद्ध कार्रवाई करने के संबंध में कानूनी कार्रवाई करते हुए करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही स्थल का निरीक्षण भी किया। सर्वे के दौरान लगभग 140 आवेदन असंगठित श्रमिकों से प्राप्त हुआ। जिसकी जानकारी श्रम विभाग दुर्ग को दिए जाने के पश्चात श्रम विभाग के सौजन्य से उनका पंजीयन का कार्य आरंभ किया गया। असंगठित श्रमिकों का पंजीयन का कार्य हो जाने से अब उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलने से कोई परेशानी नहीं आएगी। आज ही ग्रामवासियों विधिक रुप से साक्षर किए जाने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया विधिक साक्षरता शिविर में ग्राम वासियों को नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिए विधिक सेवाएं योजना के तहत जानकारी दी गई। सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि जिन परिवारों परिवार में बच्चों एवं अभिभावकों के बीच में संबंध नहीं होता था उसने संबंध कमजोर होता है अथवा जिन्हें जिनके अभिभावक मादक पदार्थों का उपयोग करते हैं सामान्यतया देखा गया है कि वह बच्चे नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं और वे नशे के लत में पड जाते हैं। नशे की लत को मिटाया जा सकता है, इसके लिए हम सभी को प्रयास करना होगा नशे से पीड़ित की मानसिक पीड़ा का उपचार किया जा सकता है। नशा मुक्ति केंद्र या पुनर्वास केंद्र जैसी भी स्थिति हो उनमें नशे के आदी व्यक्ति को दाखिल कराया जा सकता है। प्रतिबंधित औषधीयोंध्डग्स के गैरकानूनी बिक्री के बारे में पुलिस को जानकारी दें। जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है। यह भी बताया गया कि कोटपा अधिनियम के अंतर्गत स्कूलों से 100 गज की दूरी तथा किसी भी नशीली पदार्थों का कार्य एवं विक्रय किया जाना पूर्णता प्रतिबंधित हैं । आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में श्रम विभाग के अधिकारी कर्मचारी, पुलिस विभाग के अधिकारी ग्राम रसमड़ा के की सरपंच पंच एवं महिला सुरक्षा समूह में मितानीन एवं ग्राम वासी उपस्थित रहे।

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