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राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना बनी बेसहारा परिवार का सहारा

by Bhupendra Sahu

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए संकट की घड़ी में संबल साबित हो रही हैं। सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डाड़गांव निवासी निराश्रित महिला श्रीमती संपतिया को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई।
’परिवार के सामने खड़ा हुआ था संकट’
श्रीमती संपतिया के पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था। परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य के निधन से वे आर्थिक और मानसिक रूप से काफी परेशान थीं। ऐसे कठिन समय में शासन की राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई। प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सहायता राशि का लाभ प्रदान किया गया, जिससे परिवार को तत्काल आर्थिक संबल मिला।
’गरीब परिवारों के लिए राहतकारी योजना’
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को मुख्य कमाऊ सदस्य की मृत्यु होने पर 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि संकट की घड़ी में परिवार को तत्काल वित्तीय सहयोग मिल सके।
मुख्यमंत्री और प्रशासन का जताया आभार’
सहायता राशि प्राप्त होने पर श्रीमती संपतिया ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पति के निधन के बाद वे पूरी तरह असहाय हो गई थीं, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से उन्हें समय पर सहायता मिली, जिससे कठिन परिस्थिति में परिवार को सहारा मिला है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और जरूरतमंद परिवारों को त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराकर संवेदनशील प्रशासन की भावना को साकार किया जा रहा है।

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