रायपुर सुशासन तिहार 2026 सिर्फ सरकारी शिविर नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के लिए राहत, भरोसे और नई उम्मीद का माध्यम बनता जा रहा है। गांव-गांव पहुंच रहे जनसमस्या निवारण शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। कोरबा जिले के ग्राम चुइया निवासी घुरविंद दास महंत की कहानी इसी संवेदनशील पहल की मिसाल है।
मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले घुरविंद दास लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। काम की तलाश में बाहर रहने और कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे नियमित रूप से बिजली बिल जमा नहीं कर सके। धीरे-धीरे बकाया राशि बढ़कर करीब 90 हजार रुपये तक पहुंच गई। बढ़ते बिल ने पूरे परिवार की चिंता बढ़ा दी थी।
इसी दौरान उन्हें सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी मिली। उम्मीद के साथ वे शिविर पहुंचे और अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों ने मौके पर उनके घर पहुंचकर विद्युत कनेक्शन की जांच की और योजना के तहत लगभग 40 हजार रुपये का बिजली बिल माफ कर दिया। शेष राशि आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई।
सबसे खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया महज डेढ़ घंटे में पूरी हो गई। समस्या के समाधान के बाद घुरविंद दास और उनके परिवार के चेहरे पर राहत साफ नजर आई। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है।