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नवाचार और उद्यमिता में छत्तीसगढ़ को मिली राष्ट्रीय पहचान, एनआईटी रायपुर एफआईई को मिला ‘भारत इन्क्यूबेटर अवार्ड’

by Bhupendra Sahu

नवाचार और उद्यमिता में छत्तीसगढ़ को मिली राष्ट्रीय पहचान
तकनीकी नवाचारों को धरातल पर उतारने में प्रभावी भूमिका के लिए मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई, कहा यह पुरस्कार देश के स्टार्ट-अप इको-सिस्टम में छत्तीसगढ़ के योगदान का प्रमाण

रायपुर नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। नई दिल्ली में आज आयोजित चौथे भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन में एनआईटी रायपुर एफआईई (Foundation for Innovation and Entrepreneurship) को प्रतिष्ठित ‘भारत इन्क्यूबेटर अवार्ड’ से पुरस्कृत किया गया है। एनआईटी रायपुर एफआईई को देश में स्टार्ट-अप और नवाचार इको-सिस्टम में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह पुरस्कार प्राप्त हुआ है।

तकनीकी नवाचारों को धरातल पर उतारने में प्रभावी भूमिका के लिए मिला पुरस्कारएंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और एंटरप्राइजिंग जोन-ईजेड द्वारा नई दिल्ली में चौथे भारत उद्यमिता शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री मनिंदर सिंह सिरसा ने एनआईटी रायपुर एफआईई के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. अनुज कुमार शुक्ला को ‘भारत इन्क्यूबेटर अवार्ड’ प्रदान किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से जुड़े दो अन्य स्टार्ट-अप्स, रस लग्ज़री ऑयल्स और आत्मिक भारत को भी स्टार्ट-अप श्रेणी में सम्मानित किया गया। ये दोनों स्टार्ट-अप्स एनआईटी रायपुर एफआईई के इन्क्यूबेशन सेंटर में विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर एनआईटी रायपुर को बधाई देते हुए कहा कि एनआईटी रायपुर एफआईई ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अनुकरणीय कार्य किया है। यह कंपनी छत्तीसगढ़ को उद्यमिता और तकनीकी विकास के क्षेत्र में एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है। एनआईटी रायपुर एफआईई को मिला यह सम्मान राज्य की आर्थिक वृद्धि और देश के स्टार्ट-अप इको-सिस्टम में छत्तीसगढ़ के योगदान का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने रस लग्ज़री ऑयल्स और आत्मिक भारत को भी उनकी उपलब्धियों के लिए बधाई और शुभकामना दीं।

एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव ने इस सम्मान पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार हमारी उस सोच को मान्यता देता है, जिसमें हम नवाचार को वास्तविक व्यापारिक समाधान में बदलने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने एफआईई की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रौद्योगिकी-आधारित स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करती है, बल्कि भारत को वैश्विक नवाचार हब बनाने के लिए भी प्रेरित करती है।

एनआईटी रायपुर एफआईई की स्थापना वर्ष 2021 में की गई थी। यह एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में एनआईटी रायपुर के टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर के रूप में कार्यरत है। यह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के निधि-टीबीआई कार्यक्रम के अंतर्गत 30 से अधिक स्टार्ट-अप्स को सहयोग प्रदान कर चुका है। इन स्टार्ट-अप्स में क्लीनटेक, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और मल्टीडिसिप्लिनरी टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

एनआईटी रायपुर एफआईई का संचालन एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे, निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव और करियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख डॉ. समीर बाजपेयी के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसके परिचालन टीम में फैकल्टी इंचार्ज डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, ऑफिसर इंचार्ज श्री पवन कटारिया और सीईओ श्रीमती मेघा सिंह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

एनआईटी रायपुर एफआईई ने तकनीकी नवाचारों को जमीनी स्तर पर उतारने में प्रभावशाली भूमिका निभाई है। एफआईई को मिला ‘भारत इन्क्यूबेटर अवार्ड’ न केवल इसकी उपलब्धियों की स्वीकृति है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि छत्तीसगढ़ अब देश के स्टार्ट-अप मानचित्र पर मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यह उपलब्धि तकनीकी समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका को गहराई से रेखांकित करती है।

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