Home » संस्कृति के साथ बनी रहे कोसा-कांसा-कंचन की पहचान: डॉ. चरणदास महंत

संस्कृति के साथ बनी रहे कोसा-कांसा-कंचन की पहचान: डॉ. चरणदास महंत

by Bhupendra Sahu

रायपुर । जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2023 का आज जिला मुख्यालय जांजगीर-चांपा में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कवि सम्मेलन सहित गीत संगीत प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. चरणदास महंत अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा ने कहा कि जांजगीर हम सब का जिला है। यहां का नाम और पहचान बढ़ने पर हम सबकी भी पहचान बढेगी। डॉ. महंत ने कहा कि जांजगीर जिला कोसा-कांसा-कंचन के नगरी के रूप में पहचाना जाता है। यहां की संस्कृति एक अलग ही पहचान लिये हुए है। समय के साथ इन विरासतों को सहेजने की आवश्यकता है। महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा को सहेजने के साथ ही पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है।

मुख्य अतिथि डॉ महंत ने आगे कहा कि महोत्सव तथा मेला मनोरंजन के साथ बीते वर्षां की उपलब्धियों तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को बताने का आसान माध्यम भी है। राज्य में जब से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनी है तब से प्रदेश के गरीबों, मजदूरों, किसानों और श्रमिकों सहित जन-जन को अपनापन महसूस होता है। महात्मा गांधी जी द्वारा कुटीर उद्योगो के माध्यम से देखे गए स्वावलंबी तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के सपनो को भी सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना नरवा, गरवा घुरूवा और बाड़ी के माध्यम से साकार किया जा रहा है। गौठानों में महात्मा गांधी औद्योगिक पार्क योजना से आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने की अभिनव पहल की जा रही है।

 

 

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More