लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल क्रियान्वयन से कोविड महामारी पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के नए केस में बढ़ोत्तरी के दृष्टिगत सतर्कता और सावधानी बरती जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कोविड की बदलती परिस्थितियों पर सूक्ष्मता से नजर रखी जाए। सभी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित उपलब्धता की गहनता से परख कर ली जाए। मुख्यमंत्री बुधवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोक भवन में टीम-9 की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री को टीम ने अवगत कराया गया कि प्रदेश में पॉजिटिविटी दर न्यूनतम है। विगत माह की पॉजिटिविटी दर 0.46 प्रतिशत रही, जबकि विगत दिवस की पॉजिटिविटी दर 0.45 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि 2206 लोग घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
पिछले 24 घंटों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 345 नए मामले सामने आए हैं। इस अवधि में 510 व्यक्तियों को सफल उपचार के उपरान्त डिसचार्ज किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 2401 है।
पिछले 24 घण्टे में प्रदेश में 78 हजार से अधिक कोरोना टेस्ट किए गए। अब तक राज्य में 11 करोड़ 76 लाख 63 हजार 026 कोविड टेस्ट सम्पन्न हो चुके हैं। बैठक में यह जानकारी भी दी गयी कि राज्य में गत दिवस तक 34 करोड़ 18 लाख 98 हजार से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लगायी जा चुकी हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 14 करोड़ 38 लाख 72 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमण के कारण असमय काल-कवलित हुए कोरोना वॉरियर्स के परिजनों के लिए अनुमन्य राहत व सहायता संबंधी आवेदनों की जनपदवार समीक्षा मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जाए। जिस भी जनपद में आवेदन लंबित पाए जाएंगें तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। यह संवेदनशील विषय है। ऐसे प्रकरणों को मानवता के आधार पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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