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विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत 480 से अधिक गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच

by Bhupendra Sahu

एमसीबी विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) के अवसर पर जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं की मलेरिया जांच सुनिश्चित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशन में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत यह पहल की गई, जिसका उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से समय रहते बचाव करना था।

इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाली गर्भवती महिलाओं की अनिवार्य रूप से मलेरिया जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति बनाई कि कोई भी महिला जांच से वंचित न रह जाए, विशेषकर वे महिलाएं जो पूर्व में किसी कारणवश जांच नहीं करा सकी थीं।

अभियान के दौरान जिले में कुल 480 से अधिक गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार खड़गवां में 101, भरतपुर में 118 तथा मनेन्द्रगढ़ में 266 महिलाओं की जांच की गई। उल्लेखनीय है कि सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुई हैं, जो जिले में मलेरिया नियंत्रण की सुदृढ़ स्थिति और स्वास्थ्य विभाग के प्रभावी प्रयासों को दर्शाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान मलेरिया संक्रमण अत्यंत गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है। इससे न केवल मां के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, बल्कि गर्भस्थ शिशु के विकास पर भी खतरा मंडराता है। समय पर जांच और उपचार से इन जटिलताओं से बचाव संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीएमएसएमए दिवस के अवसर पर 100 प्रतिशत जांच का लक्ष्य निर्धारित कर उसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को मलेरिया से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें मच्छरदानी के नियमित उपयोग, घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी का ठहराव रोकने और बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी गई।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे मलेरिया उन्मूलन में सहयोग करें और अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखें। साथ ही, किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर तुरंत जांच कराएं।

“मलेरिया मुक्त जिला – स्वस्थ मां, सुरक्षित भविष्य” के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग लगातार जन जागरूकता, रोकथाम और समयबद्ध जांच के माध्यम से जिले को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

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