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अंगूर खाने से फुर्तीला रहता है शरीर, जानिए इसके अनोखे फायदे

by Bhupendra Sahu

अंगूर सारे भारत में आसानी से उपलब्ध फल है। वहीं कई लोगों के पसंदीदा फलों में भी इसका नाम शामिल है। जी दरअसल इसमें विटामिन-सी तथा ग्लूकोज पयाप्त मात्रा में पाया जाता है और यह शरीर में खून की वृद्धि करता है और कमजोरी दूर करता है। जी हाँ और यही कारण है कि डॉक्टर लोग मरीजों को फलों में अंगूर भी खाने की सलाह देते हैं। आपको बता दें कि प्रत्येक 100 ग्राम अंगूर में लगभग 85.5 ग्राम पानी, 10.2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स, 0.8 ग्राम प्रोटीन, 0.1 ग्राम वसा, 0.03 ग्राम कैल्शियम, 0.02 ग्राम फास्फोरस, 0.4 मिलीग्राम आयरन, 50 मिलीग्राम विटामिन-बी, 10 मिलीग्राम विटामिन-सी, 8.4 मिलीग्राम विटामिन-पी, 15 यूनिट विटामिन-ए, 100 से 600 मिलीग्राम टैनिन, 0.41-0.72 ग्राम टार्टरिक अम्ल पाया जाता है।
जी हाँ और इसके अतिरिक्त सोडियम क्लोरॉइड, पोटेशियम क्लोरॉइड, पोटेशियम सल्फेट, मैग्निशियम तथा एल्युमिन जैसे महत्वपूर्ण तत्व भी इसमें भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं।

अंगूर में पाई जाने वाली शर्करा पूरी तरह से ग्लूकोज से बनी होती है, जो कुछ किस्मों में 11 से 12 प्रतिशत तक होती है और कुछ में 50 प्रतिशत। जी दरअसल यह शर्करा शरीर में पहुंचकर एनर्जी प्रदान करती है। आपको बता दें कि अंगूर का सेवन थकान को दूर कर शरीर को चुस्त-फुर्त व मजबूत बनाता है। अब हम बताते हैं अंगूर के फायदे।
* अंगूर में क्षारीय तत्व बढ़ाने की अच्छी क्षमता के कारण ही शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता, मोटापा, जोड़ों का दर्द, रक्त का थक्का जमना, दमा, नाड़ी की समस्या व त्वचा पर लाल चकत्ते उभरने आदि स्थितियों में इसका सेवन लाभकारी होता है।
* अंगूर का सेवन, आंत, लीवर व पचान संबंधी अन्य रोगों, मुंह में कड़वापन रहना, खून की उल्टी होना, गुर्दे की कार्यक्षमता में कमी, कब्जियत, मूत्र की बामारी, अतिसार कृमि रोग, टीबी (क्षय रोग), अम्ल-पित्त, गुल्म रोग (गांठ) और ग्रहणी आदि रोगों में विशेष लाभकारी होता है।
* अगर किसी ने धतूरा खा लिया हो, तो उसे अंगूर का सिरका दूध में मिलाकर पिलाने से काफी लाभ होता है। अंगूर मियादी बुखार, मानसिक परेशानी, पाचन की गड़बड़ी आदि में असरदार है।
* अंगूर में एक विशेष गुण यह भी पाया जाता है कि यह शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को आसानी से शरीर से बाहर निकाल देता है।
* अंगूर के रस को कलई के बर्तन में पकाकर गाढ़ा करके सोते समय आंखों में लगाने से जाला, फूला आदि नेत्र रोगों दूर हो जाते हैं।
* जिन महिलाओं को पर्याप्त दूध न उतरता हो, उनके लिए भी इसका सेवन फायदेमंद है।
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