रायपुर प्रदेश में श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए राज्य सरकार की योजनाएं तेजी से जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखा रही हैं। इसी क्रम में बलरामपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन सहित विभिन्न जिलों में कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ा जा रहा है और उन्हें प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है।
बलरामपुर मुख्यालय में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि श्रमिकों के बिना विकास की परिकल्पना संभव नहीं है। उन्होंने श्रमिकों को योजनाओं का लाभ लेने हेतु पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने श्रमिकों को अपने हाथों से भोजन परोसकर सम्मान व्यक्त किया और आत्मीय संवाद भी किया।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत 10 हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। साथ ही विभागीय स्टॉल के माध्यम से श्रम पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण, निःशुल्क दवा वितरण एवं अन्य योजनाओं की जानकारी दी गई।
जिले में श्रम विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान विभिन्न योजनाओं के माध्यम से व्यापक स्तर पर सहायता प्रदान की गई है। मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत 153 महिला श्रमिकों, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 456 विद्यार्थियों, नोनी बाबू मेधावी शिक्षा योजना में 182 विद्यार्थियों तथा नोनी सशक्तिकरण योजना में 112 पुत्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार श्रमिक सियान सहायता योजना में 73 श्रमिकों, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 34 प्रकरणों तथा प्रसूति सहायता योजना में 265 महिला श्रमिकों को सहयोग प्रदान किया गया। इसके अलावा श्रमिकों के बच्चों को गणवेश एवं अध्ययन सामग्री तथा छात्रवृत्ति सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
प्रदेशभर में आयोजित श्रमिक सम्मेलनों के माध्यम से शासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं से जोड़ा जाए, उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए और उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जाए।