जांजगीर चांपा । कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका 5 वर्ष तक के बच्चों की देखरेख, पौष्टिक आहार आदि का प्रबंध कर उनकी सेवा, संस्कार और पालन पोषण के गुरुतर दायित्वों का निर्वहन करतीं हैं। उन्होंने कहा बच्चे को उनका पालन पोषण करने वाले वंदनीय और महान होते हैं। वे शनिवार को जिले की नगर पंचायत डभरा के अग्रसेन भवन में आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता,सहायिकाओं के सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकार से बड़ा कर्तव्य होता है।
समाज को स्वस्थ बनाने, बच्चों के विकास में महिला एवं बाल विकास विभाग का महत्वपूर्ण योगदान होता है। कलेक्टर ने कहा कि डभरा खंड में कुपोषण दर ,मातृ मृत्यु दर जिले में सबसे कम है इसका श्रेय यहां की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को जाता है। पुलिस अधीक्षक डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि कोरोना काल में जब डॉक्टर हड़ताल पर थे तब विभागीय मैदानी कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका ने स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए नीव का काम किया । उन्होंने कहा कि आज के व्यस्त समय में माता-पिता के लिए एक बच्चे का पालन कठिन होता है , ऐसी परिस्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका 5 वर्ष तक 25-30 बच्चों की देखभाल कर उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य करतीं है। बच्चों को ममता और उनके सेवा का काम करती है, यह महान कार्य है।
कार्यक्रम के मेजबान विधायक श्री राम कुमार यादव ने कहा कि माता-पिता की जरूरत के समय उनकी बेटी ही आगे आती है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ही महिलाओं को सशक्तीकरण की दिशा में आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियां लड़कों की तुलना में परिवार के प्रति अधिक प्रतिबद्ध और समर्पित रहती है चाहे वह कहीं भी रहे। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि वे माता-पिता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेंद्र कश्यप ने कहा कि शिशु, मातृ मृत्यु दर में कमी, सुपोषण में वृद्धि,बाल विवाह पर नियंत्रण में कार्यकर्ता और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमि रहती है।