उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ऊर्जा के परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए अपरंपरागत ऊर्जा के नवीन विकल्पों को प्रोत्साहित कर रही हैं। इस दिशा में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल डेव्हलपमेंट अथार्टी द्वारा राज्य में बायोफ्यूल के क्षेत्र में अधिशेष अनाज से एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना, बायो-जेट एवीएशन फ्यूल के निर्माण में सहयोग और जैव ईंधन के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य जैसे उल्लेखनीय काम किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गडकरी ने कृषि उत्पाद से बायोफ्यूल उत्पादन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य में बायोफ्यूल का महत्व बताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अन्यदाता को ऊर्जा दाता बनना जरूरी है।

इंडियन फेडरेशन आफ ग्रीन एनर्जी, 2020, भारत सरकार के नवीन एवं नवीकणीय ऊर्जा मंत्रालय, सरदार शरण सिंह नेशनल इन्स्टीयूट ऑफ बायो-एनर्जी एवं एसोसियेशन ऑफ स्टेट रोड़ ट्रान्सपोर्ट अन्डरटेकिंग के सपोर्टिग पार्टनरशिप में एवं केयर रेटिंग के नॉलेज पार्टनरशिप से अपारंपरिक ऊर्जा के विभिन्न क्षेत्र जैसे कि सौर ऊर्जा, बायोमास, बायोफ्यूल आदि में अवार्ड के लिए नॉमिनेशन आमंत्रित किया गया था। समग्र भारत से प्राप्त नॉमिनेशन में से भारत सरकार के वैज्ञानिक संगठन सीएसआईआर के साइंटिस्ट एवं शिक्षण प्रतिष्ठान आईआईटी के प्रतिनिधि वाले विशिष्ट ज्यूरी ने प्रत्येक कैटेगरी में अवार्ड हेतु चयन किया है।