बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित रिसदा गांव में चार कमरे का छोटा सा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किलकारियों से गूंज उठा, रिसदा गांव के अस्पताल में एक के बाद एक सात महिलाओं का सामान्य प्रसव कराया गया। जिले में इस तरह का पहला मामला है जब प्राथमिक स्तर के स्वास्थ्य केन्द्र में एक ही रात में 7 महिलाओं की सामान्य प्रसव हुआ हो। संस्था प्रभारी आरएमए डॉ अविनाश केसरवानी ने बताया कि शनिवार की शाम 7 बजे से प्रसव के लिए आयी सभी 7 महिलाओं का सामान्य डिलवरी किया गया जिसमें 5 लड़कियां और 2 लड़के हैं। बलौदाबाजार जिले के रिसदा गांव में पांच बिस्तरों के सेटअप वाले गांव के इस छोटे से अस्पताल में जगह नही होने के बाद भी प्रसव के लिए परिजनों के साथ आयी महिलाओं के जिद्द करने पर अस्पताल में भर्ती किया गया। इस बीच प्रसव पीड़ा के दर्द से तड़पती महिलाओं के लिए रिसदा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि आगे आये और उन्होने किराया भण्डार से किराये के बिस्तर का इंतजाम किया। तब जाकर प्रसव के लिए आयी सभी 7 महिलाओ को भर्ती किया गया।
रिसदा गांव का 4 कमरों का यह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भले ही छोटा है मगर इसकी उपलब्धियॉ कदाचित छोटी नही है ।
महज 289 दिनों में 256 डिलवरियॉ यहॉ हो चुकी है। सामान्य प्रसव के लिए जाने जाने वाले इस स्वास्थ्य केन्द्र में बलौदाबाजार, पलारी तक के लोग प्रसव के लिए पहुंचते है। इसका श्रेय यहा पदस्थ नर्स प्रमिला जांगड़े, शशिलता आज़ाद, खिलेश्वरी दिवाकर को जाता है जिन्होने लगातार केसों में सामान्य प्रसव करवाकर लोगो के बीच यह विश्वास जगाया है।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर रिसदा की इस उपलब्धि पर कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने भी रिसदा स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा ऐसे उपलब्धियों से आम जनता का शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों के तरफ रुझान बढ़ता है। साथ ही संस्था गत प्रसव को बढ़ावा मिलता है…. जो कि जच्चा और बच्चा दोनों के लिए लाभदायक होता हैं। इसके साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों और ग्रामवासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।