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सुराजी गांव योजना ग्रामीण परिवेश की महिलाओं में ला रही सामूहिक चेतना

by Bhupendra Sahu

समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, गेंदा फूल की खेती एवं सब्जी उत्पादन से बन रही स्वावलंबी
रायपुर । सुराजी गांव योजना में छत्तीसगढ़ की मेहनतकश महिलाओं के जीवन को नई रौशनी दी है और उन्हें स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया है। ग्रामीण परिवेश में सामूहिक चेतना से इन महिलाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। प्रदेश के राजनांदगांव जिले में शिवनाथ नदी के तट पर स्थित मनोरम आदर्श गौठान मोखला में समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट निर्माण करने के साथ अपने सुघ्घर बाड़ी में गेंदा फूल की खेती के साथ ही सब्जी उत्पादन भी कर रही हैं। कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने आदर्श गौठान मोखला में की जा रही विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान स्वसहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि आदर्श गौठान में 397 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया है, जिसमें से 342 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट 3 लाख 42 हजार रूपए विक्रय किया जा चुका है। साथ ही वर्मी विक्रय भी किया जा रहा है। कलेक्टर ने इस कार्य के लिए स्वसहायता समूह की महिलाओं एवं गौठान समिति की सराहना की। समूह की महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि आदर्श गौठान में गेंदा फूल उत्पादन से 28 हजार रूपए, सब्जी उत्पादन से 55 हजार रूपए, चौन लिंकिंग से 55 हजार रूपए का लाभ हुआ है। कलेक्टर श्री सिन्हा ने इस कार्य को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तालाब में मछली पालन, मशरूम उत्पादन एवं समूह द्वारा मुर्गी पालन के लिए शेड निर्माण करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री लोकेश चंद्राकर, एसडीएम श्री मुकेश रावटे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्री एसके ओझा, एसडीओ आरईएस श्री बघेल सहित एनआरएलएम, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं अन्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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