रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की परिभाषा बदल रही है। प्रदेशभर में आयोजित हो रहे सुशासन तिहार शिविर अब आम नागरिकों के लिए केवल समस्या निवारण का केंद्र नहीं, बल्कि भरोसे और त्वरित न्याय का पर्याय बन चुके हैं। साय सरकार की इसी जनहितकारी सोच और प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक जीवंत बानगी बुधवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में देखने को मिली। शासन के इस सार्थक प्रयास से ग्रामीण अंचलों में खुशी की लहर है और लोग इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक बड़ी जीत मान रहे हैं।
हेमंत का अनुभव अविश्वास से अटूट विश्वास तक
पेंड्रा विकासखंड के क्लस्टर ग्राम पंचायत देवरीकला में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में मटियाडांड निवासी हेमंत कुमार अपनी कुछ व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। शिविर में परिवहन विभाग के स्टॉल पर जब उन्हें पता चला कि यहाँ हल्के निजी वाहनों के लिए लर्निंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं, तो उन्होंने आवेदन किया।
हेमंत कुमार बताते हैं, मुझे शुरुआत में यकीन ही नहीं हुआ कि जिस लाइसेंस के लिए हफ्तों का समय लगता है, वह यहाँ महज 15 मिनट में बनकर तैयार हो गया। विभाग की तकनीकी सजगता और अधिकारियों के सहयोग से बिना किसी लंबी कतार या बिचौलियों के, हेमंत को उनका ड्राइविंग लाइसेंस सौंप दिया गया। उनके चेहरे की मुस्कान साय सरकार की कार्यक्षमता का सबसे बड़ा प्रमाण बनी।