मध्यप्रदेश में बेहिचक कीजिए फुल इन्वेस्टमेंट, सरकार देगी फुल सपोर्ट
राजस्थान और मध्यप्रदेश हर मामले में है एक-दूजे के स्वाभाविक साझेदार
राजस्थान की उद्यमशीलता और म.प्र. की संसाधन क्षमता ही बनाएगी सेंट्रल इंडिया को इंडस्ट्रियल पॉवर का सेंटर
सरप्लस पॉवर स्टेट म.प्र., अब बनेगा देश का ग्रीन, क्लीन एंड सोलर एनर्जी कैपिटल
म.प्र. में बन रहा देश का पहला मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन फॉर पॉवर एंड रिन्युएबल एनर्जी इक्विपमेंट्स
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया राजस्थान के निवेशकों से संवाद
निवेशकों को दी मध्यप्रदेश की विशेषताओं और डेवलपमेंट फोकस एरिया की जानकारी
जयपुर में हुआ इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश
म.प्र. में निवेश संभावनाओं और एमपी टूरिज्म पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश और राजस्थान जुड़वा भाइयों की तरह हैं। दोनों राज्य मिलकर विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत तैयार कर रहे हैं। हम सिर्फ विरासतों और विविधताओं के ही नहीं, आर्थिक दृष्टि से भी एक-दूसरे के स्वाभाविक साझेदार हैं। राजस्थान का विकसित टेक्सटाइल, जेम्स-एंड-ज्वेलरी और मध्यप्रदेश की ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता, टेक्सटाइल पार्क एवं मजबूत मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मिलकर एक सशक्त वैल्यू चैन तैयार कर सकते हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। ये परियोजना दोनों राज्यों की तस्वीर और तकदीर बदलेगी। लगभग 1 लाख करोड़ रूपए की इस परियोजना में दोनों राज्यों को मात्र 5-5 प्रतिशत राशि देनी होगी। इसकी 90 प्रतिशत लागत भारत सरकार देगी। उन्होंने कहा है कि दोनों राज्यों के बीच रोटी-बेटी का संबंध रहा है और अब पानी का संबंध भी बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को जयपुर में आयोजित ‘इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में राजस्थान के निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर सेशन का शुभारंभ किया। उन्होंने राज्य के सभी निवासियों को हाल ही में मनाए गए राजस्थान राज्य के स्थापना दिवस (19 मार्च) और अखंड सौभाग्य के लोक-पर्व गणगौर पूजन की बधाई और मंगलकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। राज्यों के बीच प्राकृतिक संसाधनों के बंटवारे मधुरता से पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान के व्यापारियों ने देश-दुनिया में व्यापार-व्यवसाय में अपना नाम कमाया है। धन कमाने के लिए मन और बुद्धि चाहिए। राजस्थान के व्यापारियों ने अपनी क्षमता, युक्ति-बुद्धि और योग्यता से अपना लौहा मनवाया है। हम यहां दोनों राज्यों के बीच व्यापार संबंध प्रगाढ़ करने के लिए आए हैं। वर्तमान हालातों में कई तरह की चुनौतियां हैं, साथ ही हमारे पास आगे बढ़ने के स्वर्णिम अवसर भी हैं। कुछ साल पहले तक हमारे निवेशक खाड़ी देशों में निवेश के लिए जा रहे थे, लेकिन अब वहां स्थिति तेजी से बदल गई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में नियमों-कानूनों का सरलीकरण किया जा रहा है।