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राष्ट्रीय जनजाति आयोग जनजातीय समुदायों का करती है संरक्षण और संवर्धन: डॉ. आशा लकड़ा

by Bhupendra Sahu

रायपुर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने राजनाधी रायपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आयोग जनजातीय समुदायों का संरक्षण और संवर्धन करती है। आयोग के प्रतिनिधिगण देशभर में राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव स्तरीय पर जाकर वहां जनजातीय समुदायों से मिल रहे हैं, उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं तथा त्वरित गति से समाधान के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में इन समुदायों की समस्याओं और आवश्यकताओं के संबंध में राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को अवगत भी कराया जा रहा है।

आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार जनजातियों के हित में सराहनीय कार्य कर रही है, उनके नेतृत्व में केन्द्र तथा राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं एवं शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, परंपरा के साथ-साथ प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन योजना, धरती आबा, ग्रामीण उत्कर्ष अभियान आदि के क्षेत्र में बेहतर कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित ट्रिपल आईटी और रायपुर के एनआईटी कैंपस का दौरा किया और दोनों संस्थानों के निदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी, प्रोफेसरों से समीक्षा बैठक हुई । विद्यार्थियों, शिक्षकों और से चर्चा हुई। विद्यार्थियों ने चर्चा के दौरान बताया कि वे बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ अंचलों से आकर इन संस्थानों के माध्यम से राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मिलकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं परंपरा तथा खान-पान को भी सहेजने का काम करें।

राष्ट्रीय जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. लकड़ा ने कहा कि प्रदेश में ऐसे जनजातीय समुदाय जिन्होंने किसी कारखानों, संस्थानों, उद्योगों के लिए अपना जमीन दिया है उन्हें क्या लाभ हो रहा है, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है, वहीं स्थापित उद्योगों, संस्थानों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्तियों की भी समीक्षा की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों के संरक्षण के लिए एफआरए कानून लाया है, इसके तहत इन वर्गों को किस तरह से लाभ मिल सकेगा इस हेतु समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेशा कानून के तहत 5वीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले नियमों के पालन की भी जानकारी ली जा रही है।

डॉ. लकड़ा ने बताया कि वे कोंडागांव, बस्तर, जगदलपुर और एनएमडीसी का भी दौरा करेंगे और जनजातीय समुदायों को मिल रहे सुविधाओं और लाभों की समीक्षा की जाएगी। क्षेत्र में जनजातियों समुदायों के संबंध में मिली जानकारी से राज्य और केन्द्र सरकार को भी रिपोर्ट सौंपा जाएगा।

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