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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से सुरक्षित हुई महिलाओं की रसोई

by Bhupendra Sahu

रायपुर जब रसोई से धुआँ हटता है, तो सिर्फ दीवारें साफ़ नहीं होतीं, एक महिला की सेहत, समय और आत्मसम्मान भी सुरक्षित होता है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना ने ऐसी ही एक नई शुरुआत दी है कबीरधाम जिले की श्रीमती धनाइया पटेल को, जिनकी ज़िंदगी अब धुएँ से नहीं, सुकून से भरी है।

कबीरधाम जिले के ग्राम सौगना की रहने वाली श्रीमती धनाइया पटेल ने ग्राम पंचायत के माध्यम से उज्ज्वला योजना में आवेदन किया था। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें निःशुल्क गैस कनेक्शन, सिलेंडर और चूल्हा मिला। इसी के साथ धुएँ भरी रसोई से उन्हें हमेशा के लिए राहत मिल गई। श्रीमती धनाइया बताती हैं कि पहले लकड़ी से खाना बनाना बहुत मुश्किल होता था। बरसात के दिनों में लकड़ी भीग जाती थी, आग जलाने में समय लगता था और पूरा किचन धुएँ से भर जाता था। अचानक मेहमान आ जाएं तो खाना बनाना और भी परेशानी भरा हो जाता था। उनकी छोटी रसोई में धुएँ का सीधा असर सेहत पर पड़ता था।

अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। वे खुशी से कहती हैं, अब एक चिंगारी में चूल्हा जल जाता है और खाना जल्दी बन जाता है। न धुआँ है, न आंखों में जलन। बच्चों को जब भूख लगे, तुरंत खाना बना देती हूं। अब उन्हें न लकड़ी इकट्ठा करने की चिंता है, न धुएँ से जूझने की मजबूरी। समय की बचत हो रही है और स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हुआ है। उनका कहना है कि उज्ज्वला योजना ने उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को आसान और सुरक्षित बना दिया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना ने कबीरधाम जिले की हजारों महिलाओं की रसोई में बदलाव लाया है। यह योजना सिर्फ गैस कनेक्शन नहीं, बल्कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और सुविधा देने की एक मजबूत पहल है।

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