Home » तांबे की कीमत 11.90 लाख रुपये प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर पहुंची, क्या है तेजी वजह?

तांबे की कीमत 11.90 लाख रुपये प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर पहुंची, क्या है तेजी वजह?

by Bhupendra Sahu

नईदिल्ली । सोने-चांदी की कीमतों के साथ-साथ तांबे की कीमत में भी बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। आज (6 जनवरी) तांबा पहली बार 13,000 डॉलर प्रति टन के स्तर को पार कर गया। लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे की कीमत 13,187 डॉलर (लगभग 11.90 लाख रुपये) प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। नवंबर के मध्य से अब तक तांबे में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की जा चुकी है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ गया है।

तांबे की कीमतों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका में धातु भेजने की बढ़ी होड़ मानी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित टैरिफ नीति के चलते अमेरिका में तांबे की कीमतें ग्लोबल मार्केट से ज्यादा प्रीमियम पर चल रही हैं। कंपनियां और बड़े ट्रेडर्स ज्यादा स्टॉक अमेरिका भेज रहे हैं। इससे दुनिया के बाकी हिस्सों में सप्लाई कम होने का डर बढ़ गया है, जिसने कीमतों को और ऊपर धकेल दिया है।

तांबे की सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों ने भी बाजार को मजबूती से सपोर्ट दिया है। चिली की मंटोवर्डे खदान में हड़ताल और अफ्रीका की कुछ खदानों में हुए हादसों से सप्लाई प्रभावित हुई है। लंबे समय से नई खदानों में निवेश कम रहा है, जबकि पुरानी खदानों को तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन वजहों से बाजार में तांबे की उपलब्धता लगातार सीमित होती जा रही है।
तांबा बिजली, इलेक्ट्रिक वाहन और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बेहद जरूरी धातु माना जाता है। सरकारें और कंपनियां एनर्जी ट्रांजिशन पर तेजी से काम कर रही हैं, जिससे तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है। साथ ही, सोना, चांदी और अन्य धातुओं में आई तेजी के बाद निवेशक तांबे की ओर भी तेजी से आकर्षित हुए हैं। इन सभी कारणों से तांबे की कीमतों में फिलहाल मजबूत तेजी बनी हुई है।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More