Home » पूर्ण ग्राम सुराज और स्वावलम्बन की दिशा में नया संकल्प: उपमुख्यमंत्री शर्मा की अध्यक्षता में कार्यशाला सम्पन्न

पूर्ण ग्राम सुराज और स्वावलम्बन की दिशा में नया संकल्प: उपमुख्यमंत्री शर्मा की अध्यक्षता में कार्यशाला सम्पन्न

by Bhupendra Sahu

रायपुर गाँवों के समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की अवधारणा को साकार करने की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आज नया रायपुर स्थित ग्रामीण संपर्क एवं प्रशिक्षण संस्थान, झांझ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा को और अधिक मजबूत बनाना तथा ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, उत्तरदायी और निर्णायक बनाने की दिशा में ठोस पहल करना था। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की असली शक्ति गाँव की चौपाल और ग्राम सभा में निहित है। ग्राम सभा के निर्णय ही गाँव के विकास का आधार बन सकते हैं और इसीलिए आवश्यक है कि पंचायतें न केवल योजनाओं को लागू करें बल्कि जनता की आकांक्षाओं को दिशा देने वाली संस्था के रूप में कार्य करें।

कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों को पाँच अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया। जहाँ ग्राम सभा के सशक्तीकरण, वित्तीय विकेन्द्रीकरण, पंचायतों पर नियंत्रण, सामाजिक सहभागिता तथा अधिकार एवं कर्तव्यों के विभाजन जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। समूह चर्चा के दौरान पंचायतों की वर्तमान व्यवस्था का मूल्यांकन करते हुए अनेक महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिनसे भविष्य में ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त तथा उत्तरदायी बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला में श्री सुनील कुमार सिंह, सेवानिवृत्त सचिव भारत सरकार, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, नरेगा आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा, पंचायत संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, स्वच्छ भारत मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में टीआरआई फाउंडेशन, यूनिसेफ, पिरामल फाउंडेशन और समर्थन जैसी प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी अपनी सहभागिता दर्ज करायी। सभी विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास की नयी राह सुझाते हुए ग्राम स्वावलम्बन को साकार करने के लिए साझा प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अंत में कहा कि पूर्ण ग्राम सुराज केवल शासन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह हर ग्रामवासी का स्वप्न है। जब ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी और ग्राम सभा निर्णायक बनेगी, तभी वास्तविक अर्थों में सुराज की स्थापना होगी।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More