Home » ​नक्शा प्रोजेक्ट: धमतरी में डिजिटल क्रांति… केंद्रीय सचिव ने परखी धरातल की हकीकत; सर्वे टीमें बढ़ाने के निर्देश

​नक्शा प्रोजेक्ट: धमतरी में डिजिटल क्रांति… केंद्रीय सचिव ने परखी धरातल की हकीकत; सर्वे टीमें बढ़ाने के निर्देश

by Bhupendra Sahu

​रायपुर ​भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय (भूमि संसाधन विभाग) के सचिव श्री नरेंद्र भूषण ने आज धमतरी जिले का दौरा कर महत्वाकांक्षी ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। नगर पालिक निगम धमतरी के आकाशगंगा कॉलोनी और गोकुलपुर पहुंचे सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन ‘शून्य त्रुटि’ (Zero Error) के साथ समय सीमा में पूरा किया जाए। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को सर्वे टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।

​ग्राउंड पर देखा ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ का प्रदर्शन

​निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने श्री डोमार सिंह साहू के मकान में चल रहे आरओआर (Record of Rights) निर्माण कार्य का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा। उन्होंने नक्शा पोर्टल की कार्यप्रणाली, प्लॉट सत्यापन और भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा। सचिव ने सर्वे टीम से तकनीकी सवाल भी किए। जैसे:​एक प्रविष्टि में कितना समय लगता है?​दर्ज भूमि और वास्तविक कब्जे के अंतर को कैसे सुलझाया जा रहा है? ​शासकीय भूमि के संरक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं?

​विवादों का अंत और पारदर्शिता का नया युग

​श्री नरेंद्र भूषण ने कहा कि शहरी भू-अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण भविष्य में नागरिक सुविधाओं और पारदर्शिता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने ड्राफ्ट प्रकाशन, दावा-आपत्ति और निराकरण की प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए कहा कि “नागरिकों की सहभागिता ही इस योजना की सफलता की आधारशिला है।”

​धमतरी बना प्रदेश का रोल मॉडल

​संचालक भू-अभिलेख श्री विनित नंदनवार ने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन शहरों धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में यह पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। धमतरी इसमें अग्रणी है, जहाँ ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और सर्वाधिक अधिकार अभिलेखों के ड्राफ्ट तैयार किए जा चुके हैं।

​डिजिटल डोर नंबरिंग (DDN) से जुड़ेंगी नागरिक सेवाएँ

​कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सचिव को बताया कि जिले में प्रोजेक्ट के साथ-साथ डिजिटल डोर नंबरिंग भी लागू की जा रही है। भविष्य में इसके माध्यम से ​ऑनलाइन टैक्स और यूटिलिटी बिल का भुगतान आसान होगा। ​नागरिक सेवाओं का एकीकृत डिजिटल प्रबंधन हो सकेगा और ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ को बढ़ावा मिलेगा।
​नगर निगम आयुक्त एवं नोडल अधिकारी प्रिया गोयल ने वार्डवार जनसंख्या और सर्वे अमले की जानकारी दी। वहीं, स्टेट मास्टर ट्रेनर दीपचंद भारती ने पोर्टल की तकनीकी चुनौतियों और विधिक समाधानों पर प्रकाश डाला।

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