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गुजरात में कांग्रेस का अधिवेशन : खडग़े बोले, यह सरकार विपक्ष को बोलने नहीं देती

by Bhupendra Sahu

गांधीनगर । गुजरात में कांग्रेस के दो दिवसीय अधिवेशन में बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सरकार पिछले 11 सालों से सत्ता में है, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि विपक्ष के किसी भी नेता को सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता है।
खडग़े ने आगे कहा, यहां तक कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी बोलने नहीं दिया जाता है। ऐसे में आप इस बात का सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि जब लोग राहुल गांधी सरीखे नेता को बोलने नहीं दे रहे हैं, तो भला इस देश के आम लोगों को कैसे बोलने देंगे? यह अपने आप में बड़ा सवाल है, जिस पर हम सभी को एकजुट होकर विवेचना करनी होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार का बोलने पर भी पहरा है। उन्होंने कहा, मौजूदा हुकूमत अगर विपक्ष की अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार कर रही है, तो यह बात बड़ी आसानी से समझी जा सकती है कि यह सरकार किस मानसिकता के साथ काम कर रही है। यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि इस सरकार की यह मानसिकता इस मुल्क के आवाम के लिए कतई ठीक नहीं होगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अधिवेशन को लेकर उठाए जा रहे तमाम सवालों का भी मंच से उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 140 साल के इतिहास में 86 अधिवेशन हुए। इनमें 6 अधिवेशन गुजरात की धरती पर हुए, जिनमें 3 अहमदाबाद शहर में हुए। अहमदाबाद हमारे लिए तीर्थ स्थल जैसा है। यहां साबरमती आश्रम है, सरदार पटेल राष्ट्रीय स्मारक है। यह अधिवेशन महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी है और सरदार पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है। बेलगावी में 26 दिसंबर को हमने घोषणा की थी कि हमारा अगला अधिवेशन गुजरात में होगा। महात्मा गांधी ने देश को नहीं बल्कि पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया और इसी तरीके से आजादी भी दिलाई। दुनिया भर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमाएं हैं और डाक टिकट जारी हुए हैं। यह दिखाता है कि उनके उसूलों का कितना सम्मान है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के निर्माण में गुजरात का अमूल्य योगदान रहा है। यहां पैदा हुई तीन महान हस्तियों- दादाभाई नौरो, महात्मा गांधी, सरदार पटेल – ने पूरे विश्व में अपना और कांग्रेस का नाम रोशन किया है। ये सभी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं। हमारे महान नेता सरदार पटेल ने देश की रियासतों का एकीकरण करके एक मजबूत राष्ट्र बनाया। इस साल 31 अक्टूबर को हम पूरे देश में सरदार पटेल की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाएंगे। कल उनकी श्रद्धांजलि के रूप में विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक सरदार पटेल स्मारक में आयोजित की गई। हमें फ़क्र है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस गुजरात में ही 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बने। संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष रहे बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन को प्रभावित करने में गुजरात का बड़ा योगदान रहा है। हम जहां यह अधिवेशन कर रहे हैं – वह ‘प्रेरणा भूमिÓ है। यहीं से 12 मार्च 1930 को 79 सत्याग्रहियों के साथ अंग्रेजों के खिलाफ़ दांडी मार्च निकाला गया था। इस सत्याग्रह से अंग्रेजी हुकूमत हिल गई थी।
उन्होंने कहा कि इसी के 75 साल बाद 2005 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक और दांडी यात्रा निकाली गई थी, जिसने देश के नौजवानों को प्रेरित किया था। गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी गांव-खेत-गरीब की पार्टी बनी थी। वे पंक्ति में खड़े अंतिम लोगों के बारे में सोचते थे। अंत्योदय गांधी की ही सोच थी।
मल्लिकार्जुन खडग़े ने ईवीएम को लेकर भी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। कहा कि जहां एक तरफ पूरी दुनिया बैलेट पेपर की तरफ लौट रही है, वहीं दूसरी तरफ हम आज भी अपनी चुनावी प्रक्रियाओं को संपन्न कराने के लिए ईवीएम पर आश्रित हैं और ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर हमेशा से ही सवाल उठते आ रहे हैं, लेकिन अफसोस मौजूदा सरकार इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम उठाती हुई नजर नहीं आ रही है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इस सरकार ने ऐसे तरीके ईजाद कर लिए हैं, जिससे उन्हें फायदा पहुंचे, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आने वाले दिनों में इस देश के नौजवान उठ खड़े होंगे और कहेंगे कि हमें ईवीएम नहीं चाहिए।
बता दें कि कांग्रेस का दो दिवसीय अधिवेशन गुजरात में हो रहा है, जिसमें देश के कोने-कोने से नेता शामिल होने पहुंचे हैं। इस अधिवेशन में सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े शामिल हुए, लेकिन इस बैठक में प्रियंका गांधी शामिल नहीं हुईं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस अधिवेशन की शुरुआत झंडावंदन से हुई। इसके बाद मल्लिकार्जुन खडग़े ने अपने संबोधन की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने विभिन्न मुद्दों का जिक्र कर केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधा।
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