नयी दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पद विजेता मुरली श्रीशंकर ने प्रदर्शनकारी पहलवानों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने पर निराशा व्यक्त की है। भाला फेंक एथलीट नीरज ने रविवार को ट्विटर पर पहलवानों के हिरासत में लिये जाने के एक वीडियो पर टिप्पणी की, यह देखकर मुझे बहुत दुख हो रहा है। इससे निपटने का एक बेहतर तरीका होना चाहिये।
वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस बल का प्रयोग करते हुए पहलवानों को हिरासत में ले रही है।
इसी बीच, लंबी कूद एथलीट श्रीशंकर ने पहलवानों के साथ दिल्ली पुलिस के बर्ताव को ‘बर्बरÓ करार दिया।
श्रीशंकर ने ट्वीट किया, बेहद बर्बर! हमारे चैंपियन इसके हकदार नहीं थे। ओलंपिक में विजय का सपना देखने वाले एक एथलीट के तौर पर, यह तस्वीर (मेरे मस्तिष्क पर) बहुत गहरे घाव छोड़ेगी।
पहलवानों ने नये संसद भवन तक पदयात्रा करने और ‘महिला महापंचायतÓ आयोजित करने की योजना बनायी थी। यह महापंचायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भवन के उद्घाटन के साथ होनी थी।
पहलवानों को शुरू में जंतर-मंतर में प्रदर्शन स्थल से निकलने की अनुमति दी गयी लेकिन जैसे वे सुरक्षा बैरिकेड्स से आगे नहीं जा सके। पहलवान जंतर-मंतर रोड से आगे नहीं जा सके और बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक तथा विनेश फोगाट सहित दूसरे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
साक्षी के अकाउंट से उनकी टीम द्वारा किये गये एक ट्वीट के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से पहलवानों के तंबू भी हटाना शुरू कर दिये थे।
उल्लेखनीय है कि देश के कई नामचीन पहलवान भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में कैसरगंज लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद बृजभूषण पर एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप है।
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