चंडीगढ़ । अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की महासचिव एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार कांग्रेस सरकारों द्वारा संचालित की जा रही योजनाओं का नाम बदलने में पूरी बढ़त बनाए हुए हैं लेकिन, इन स्कीमों को चालू रखने में बजट जारी करने में फिसड्डी साबित हो रही है। ऐसे ही सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए चलाई जा रही मिड डे मील स्कीम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति स्कीम कर दिया, जबकि 6 महीने से न तो कुकों को ही कोई भुगतान हो रहा है, न ही कुकिंग कॉस्ट जारी की जा रही है।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढऩे वाले बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए व पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए कांग्रेस पार्टी की केंद्र सरकार ने साल 1995 में मिड डे मील स्कीम को शुरू किया था।
इस स्कीम के देशभर से अच्छे परिणाम भी सामने आए। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली मौजूदा केंद्र सरकार ने गुपचुप तरीके से इस स्कीम का नाम ही बदल दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस स्कीम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना कर दिया गया है। लेकिन, नाम बदलने वाली सरकार यह भूल गई कि इस स्कीम को सुचारू चलाने के लिए कुकिंग राशि जारी करनी होती है और खाना तैयार करने वाले कुकों को भी भुगतान करना होता है।
सरकार ने छह महीने से इस मद में कोई राशि जारी नहीं की है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कुकिंग कॉस्ट जारी न किए जाने से प्रदेश के 16 लाख 23 हजार से अधिक छात्र प्रभावित हो रहे हैं।
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