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भेंट-मुलाकात: जगह-जगह देखने को मिल रहा मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सख़्त रूख का नजारा

by Bhupendra Sahu

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ राज्य की 90 विधानसभा क्षेत्रों में लोगों से भेंट-मुलाकात करने बीते 4 मई से सरगुजा अंचल के दौरे पर निकले हैं, इस दौरान पीड़ित, बीमार एवं लाचार लोगों के प्रति एक ओर जहां मुख्यमंत्री की उदारता एवं उनकी संवेदनशीलता देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासकीय कामकाज लापरवाही एवं जनता जनार्दन के कामों में लेट-लतीफी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति मुख्यमंत्री का सख़्त रूख का नजारा भी जगह-जगह दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री अपने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत, शासकीय कार्यालयों के कामकाज का जायजा, अधिकारियों की बैठक लेकर शासकीय कामकाज की समीक्षा के साथ ही लोगों की समस्याओं की सुनवाई भी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के तीसरे दिन सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर है। इस विधानसभा क्षेत्र के गोविन्दपुर गांव में लोगों से भेंट-मुलाकात के दौरान प्रतापपुर तहसील के ग्राम खोरमा निवासी सोमारू साय ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी कैंसर की बीमारी और परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया। संवेदनशील मुख्यमंत्री ने सोमारू साय को कैंसर के इलाज के लिए मौके पर ही अपने कोष से एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी। सोमारू साय ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को उनकी उदारता, सहृदयता के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें अपने बीमारी के इलाज के लिए अब न तो किसी से मदद मांगने और न ही कर्ज लेने की जरूरत होगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 मई को रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के आरागाही गांव में लोगों से भेंट-मुलाकात के दौरान श्रीमती अनति देवी की दृष्टिबाधित दो बेटियों चंदा और रिया के आंख के इलाज छत्तीसगढ़ शासन की कराए जाने ऐलान किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्म से दृष्टिबाधित दोनों बहनों के आंख का इलाज दिल्ली हो या चेन्नई जहां संभव होगा, वहां भेजकर कराया जाएगा और उन्हें शासन की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी। डौरा में भेंट-मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कबिलासो बाई द्वारा राशन कार्ड न मिलने से शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की और आधे घंटे के भीतर उन्हें अंत्योदय राशन कार्ड अपने हाथों से सौंपा। यहां यह उल्लेखनीय है कि कबिलासो बाई को उसे मिले नये राशन कार्ड निःशुल्क 40 किलो चावल एवं दो किलो नमक, 5 रूपए किलो की दर से दो किलो चने और 17 रूपए किलो में एक किलो शक्कर भी उचित मूल्य की दुकान से मिल गई है।

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