नयी दिल्ली। नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इरेडा पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राथमिक शेयर बाजार में उतरने के साथ-साथ वैकल्पिक निवेश कोष (एआईएफ) शुरू करेगी। कंपनी विदेशी और स्थानी बाजार में नए ग्रीन बॉन्ड भी प्रस्तुत करेगी। इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी लिमिटेड (इरेडा) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने 34 वीं वार्षिक आम सभा में आज यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी 5 साल में अपने ऋण कारोबार को 136000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है। श्री दास ने कहा, इरेडा अपने ऋण कारोबार को 5 गुना बढ़ाकर मार्च 2025—26 तक 1.35 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। मार्च 2021 के अंत में इसका कर्ज पोर्टफोलियो 28000 करोड़ रुपए का था।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार श्री दास ने कंपनी के शेयरधारकों से कहा कि इरेडा खुद को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की तैयारी में है। कंपनी आईपीओ :प्रथम सार्वजनिक शेयर निर्गम:आईपीओ: लाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी अंतर्राष्ट्रीय बाजार और घरेलू बाजार में नए ग्रीन बॉन्ड पेश करने की योजना बना रही है ताकि कर्ज कारोबार के विस्तार के लिए पर्याप्त पूंजी जुटाई जा सके। उन्होंने कहा कि इरेडा एक वैकल्पिक निवेश कोष :एआईएफ: की तरह का एक ऋण कोष भी स्थापित करने की प्रक्रिया में है ताकि बड़े संस्थागत निवेशकों, पेंशन कोषों इंश्योरेंस कोषों और सामाजिक कोषों से उसमें निवेश आकर्षित किया जा सके।
वर्ष 2020—21 में कंपनी ने कुल 8827 करके ऋण वितरित किए। वर्ष के दौरान उसका कर पूर्व लाभ 569.52 करोड़ रुपए था जो इससे पिछले वित्त वर्ष के लाभ, 241.11 करोड़ रुपए की तुलना में 136.20 प्रतिशत अधिक ऊंचा है 2020—21 के अंत में कंपनी का एनपीए 5.61 प्रतिशत रह गया जो एक साल पहले 7.18 प्रतिशत था।