Home » अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाने वाले वीर बच्चों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाने वाले वीर बच्चों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

by Bhupendra Sahu

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के राज्य अतिथि गृह पहुना में वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रदेश के 04 वीर बालक-बालिकाओं को उनके साहसिक व वीरतापूर्ण कार्य के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कोरबा के अमर ज्योति जाहिरे, महासमुंद की छाया विश्वकर्मा, धमतरी की जानवी राजपूत और धमतरी के भामेश्वरी निर्मलकर को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को सम्मानित कर उनकी हौसला अफजाई की और राज्य शासन की ओर से चारों वीर बालक-बालिका को 50-50 हजार रूपए दिए जाने की घोषणा की। गौरतलब है कि 09 जनवरी 2022 को, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के दिन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने घोषणा की थी कि 26 दिसंबर को श्री गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों-साहिबजादों की शहादत की स्मृति में वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने वीर बाल दिवस के अवसर पर बलिदानी 04 वीर साहिबजादों को नमन करते हुए कहा कि उनकी शहादत हमें प्रेरित करती है। वीर साहिबजादों ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति देना स्वीकार किया। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आजादी के अमृतकाल के दौरान इन साहिबजादों के बलिदान को चिर स्थायी बनाने के लिए वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की, हमारे लिए यह सौभाग्य की बात है। उन्होंने सम्मानित चारों वीर बालक-बालिकाओं के साहसिक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि जान की परवाह किए बिना इन बच्चों ने अपने परिजनों व साथियों का जीवन बचाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी द्वारा किए जा रहे सामाजिक व बौद्धिक कार्यों की सराहना की।

छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संरक्षक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के सदस्य के रूप में हमारा सौभाग्य है कि हम लगातार दूसरे वर्ष वीर बालकों का सम्मान कर पा रहे है। बच्चों ने अपनी बुद्धिमता, सक्रियता और साहस का परिचय देते हुए अपनों की जान बचाई है। निश्चित ही अन्य बच्चों को भी इनके अदम्य साहस से प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने वीर बाल दिवस मनाने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के प्रयासों का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में सिक्ख ग्रंथी श्री अमरीक सिंह ने उन साहिबजादों का जीवन परिचय दिया जिनकी स्मृति में वीर बाल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे गुरूओं ने हमें शहादत सिखायी है और आज भी धर्म की रक्षा के लिए संकल्पित हैं। ग्रंथी श्री सिंह ने वीर बालक-बालिकाओं को बधाई दी और अपने गुरूओं के बलिदानों को अमर बनाने वीर बाल दिवस मनाए जाने के लिए केन्द्र सरकार के पहल की सराहना की।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के डॉ. सी पी आडवाणी, डॉ. सुरभि दुबे, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संदीप दवे, सोसायटी के पदाधिकारीगण सहित वीर बालकों के परिजन और आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन डॉ. कुलदीप सोलंकी ने दिया तथा संचालन डॉ. रवि चौबे द्वारा किया गया।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More