नई दिल्ली बीते एक पखवाड़े में चीनी की कीमतों में 3% से अधिक की वृद्धि के साथ कीमतें छह वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में व्यापारियों और उद्योग जगत के अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि देश के प्रमुख चीनी उत्पादक क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण घबराहट की स्थिति बनी है, जो आगामी सीजन में उत्पादन में गिरावट का संकेत देती है।
अगर ऐसा होता है तो त्योहारों के पहले चीनी की कीमतों पर इसका असर दिख सकता है। टमाटर और प्याज की कीमतों में राहत मिलने बाद अब चीनी के बढ़ते भाव लोगों की परेशानी फिर बढ़ा सकते हैं।