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छत्तीसगढ़ में शुरू हुई मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना… कमर्शियल प्लांटेशन को बढ़ावा, 50 हजार तक होगी आय

by Bhupendra Sahu

रायपुर। कमर्शियल प्लांटेशन को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ सरकार ने मंगलवार को प्रदेश में मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर विधानसभा में योजना शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने की और इस मौके पर संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी तथा चन्द्रदेव प्रसाद राय उपस्थित रहे। शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने विभिन्न वनमंडलों में मुख्यमंत्री वृक्षसंपदा योजना के हितग्राहियों से वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा भी की।

बता दें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में वृक्षों के व्यवसायिक उपयोग को बढ़ावा देने की अपार संभावनाओं को देखते हुए इस योजना को लागू किए जाने की घोषणा की है। इस योजना के तहत कसिानों की आय बढ़ाने के लिए किसानों की सहमति पर उनके भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना का लाभ किसान, इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्ध शासकीय एवं शासन के स्वायत्त संस्थाएं, निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायत तथा भूमि अनुबंध धारक उठा सकते हैं। राज्य शासन ने 1 वर्ष में 36 हजार एकड़ तथा 5 वर्षों में 1 लाख 80 हजार एकड़ क्षेत्रफल में कुल 15 करोड़ वृक्ष रोपने का लक्ष्य रखा है।

किसानों को होगी 15 से 50 हजार तक की आय
इस योजना के तहत राज्य शासन द्वारा 5 एकड़ तक वृक्षारोपण के लिए 100 प्रतिशत अनुदान तथा 5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण के लिए 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान देगी। चिन्हित वृक्ष प्रजातियों की खरीदी के लिए न्यूनतम क्रय मूल्य का निर्धारण भी शासन द्वारा किया जाएगा। 5 वर्षों में रोपित सभी प्रजातियों के वृक्ष परिपक्व होने पर उनका मूल्य 10 हजार करोड़ रुपए होने की सम्भावना है। इस योजना से किसानों को प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 15 हजार से 50 हजार तक आय सम्भावित है। इसके अतिरिक्त कार्बन क्रेडिट के माध्यम से भी किसानों को अतिरिक्त आय होगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार तथा वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ के मार्गदर्शन में वन विभाग द्वारा योजनांतर्गत अब तक 19 हजार 653 हितग्राहियों के लगभग 30 हजार एकड़ निजी भूमि में वृक्षारोपण हेतु पंजीयन किया जा चुका है।

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