0-टी-20 सीरीज का पहला मैच
मोहाली। भारत मंगलवार से आस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली तीन टी-20 मैचों की सीरीज में सबसे छोटे प्रारूप के विश्व कप से पहले अपने उचित संयोजन विशेषकर मध्यक्रम से जुड़े मसले को सुलझाने का प्रयास करेगा। विश्व कप से पहले होने वाले 6 मैचों में कुछ तेज गेंदबाजों को भले ही विश्राम दिया गया है, लेकिन इसे छोड़कर भारत अपनी मजबूत टीम के साथ ही उतर रहा है। आस्ट्रेलिया के बाद भारत तीन मैचों के लिए दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करेगा। भारत ने भले की एशिया कप में अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन उसने इस दौरान कई बदलाव भी किए।
भारत की गेंदबाजी की कमजोरियां भी इस टूर्नामेंट में खुलकर सामने आईं, लेकिन हर्षल पटेल और जसप्रीत बुमराह की वापसी से आक्रमण को मजबूती मिली है। रोहित ने साफ कर दिया कि विश्व कप में उनके साथ केएल राहुल ही पारी का आगाज करेंगे, लेकिन यहां संभावना है कि उनके साथ विराट कोहली पारी की शुरुआत करने के लिए उतरें। अपनी पिछली टी-20 पारी में शतक जडऩे वाले कोहली को सलामी बल्लेबाज के रूप में उतारा जा सकता है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में चोटी के चार बल्लेबाज तय हैं, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि अंतिम एकादश में विकेटकीपर के रूप में ऋषभ पंत को चुना जाएगा या दिनेश कार्तिक को। रविंद्र जडेजा के चोटिल होने के कारण भारत पंत को बायें हाथ का बल्लेबाज होने के कारण कार्तिक पर तरजीह दे सकता है। कार्तिक ‘फिनिशरÓ की भूमिका के लिए टीम में लिए गए हैं। बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल और हार्दिक के तेज गेंदबाजी आक्रमण के साथ अक्षर और युजवेंद्र चहल के रूप में दो स्पिनर हो सकते हैं। दूसरी तरफ, आस्ट्रेलिया वार्नर सहित कुछ प्रमुख खिलाडिय़ों के बिना भारत आया है। वार्नर को विश्राम दिया गया है, जबकि मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस और मिशेल मार्श को चोटों से उबरने का समय दिया गया है। सभी का ध्यान कप्तान आरोन फिंच पर होगा, जिन्होंने लगातार लचर प्रदर्शन के कारण हाल में वनडे से संन्यास ले लिया था। वह विश्व कप से पहले फॉर्म में वापसी की कोशिश करेंगे।
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