नई दिल्ली । भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने मंगलवार को देशवासियों से ‘पूरी ताकत’ के साथ देश की आजादी की रक्षा करने का आह्वान किया। वहीं कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने उस समय क्रूर दमन के बीच अंग्रेजों का समर्थन किया था।
गांधी ने अपने संदेश में कहा कि इस ऐतिहासिक दिन जब लाखों-लाख कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीटा गया और उन्हें जेल में डाला गया, अरुणा आसफ अली ने राष्ट्रीय ध्वज को ऊंचा रखा। सोनिया गांधी ने कहा कि उनका साहसिक कार्य आजादी की हमारी खोज का प्रतीक बन गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “आइए महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले भारत छोड़ो आंदोलन की याद में हम उस कीमत को न भूलें जो हमारे लाखों देशवासियों और महिलाओं ने भारत की आजादी के लिए चुकाई है। आइए हम इसकी रक्षा करने के संकल्प को पूरी ताकत के साथ ताजा करें।”
वहीं कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, जब कांग्रेस के नेतृत्व में देश अंग्रोजों के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष में लगा हुआ था, आरएसएस ने न केवल आंदोलन का बहिष्कार किया था बल्कि अंग्रेजों का सक्रिय रूप से समर्थन भी किया।”
आंदोलन के दौरान 80 साल पहले बना संगठन क्या कर रहा था- जयराम रमेश
वहीं कांग्रेस महाचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला करते हुए पूछा कि जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन का शुभारंभ किया था तब इस ऐतिहासिक दिन पर अस्सी साल पहले बना संगठन क्या कर रहा था?