अहमदाबाद । दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के चलते कुछ नदियों का जलस्तर बढऩे से विभिन्न निचले इलाकों में पानी भर गया। नवसारी और वलसाड जिले में 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि ओरसांग नदी का जलस्तर बढऩे के बाद वलसाड के कुछ निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। कावेरी और अंबिका नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, इसलिए नवसारी जिले के अधिकारी भी अलर्ट पर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात और रविवार की सुबह वलसाड और नवसारी जिलों में बहुत भारी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि छोटा उदयपुर और नर्मदा जिलों में भी भारी बारिश हुई, जिससे नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है।
तीन जिलों में पांच दिनों तक बहुत भारी बारिश की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को दक्षिण गुजरात के डांग, नवसारी और वलसाड जिलों में अगले पांच दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। आईएमडी ने कहा है कि दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के कई अन्य जिलों में भी इस अवधि के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है।
जिलाधिकारी अमित प्रकाश यादव ने कहा कि नवसारी जिले में कावेरी और अंबिका नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हम निचले इलाकों से लोगों को निकाल रहे हैं। अब तक 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक कंपनी की मदद से अभियान जारी है।
नदी का जलस्तर बढऩे और निचले इलाकों में बाढ़
अधिकारियों ने बताया कि वलसाड में ओरसांग नदी का जलस्तर बढऩे और निचले इलाकों में बाढ़ आने के बाद 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि रविवार को वलसाड में कुछ राहत मिली और जलस्तर घट गया, जिसके बाद लोग अपने-अपने घरों को लौटने लगे।
शनिवार से हो रही भारी बारिश के कारण दक्षिण और मध्य गुजरात और सौराष्ट्र क्षेत्र के कई बांधों में पानी भर गया है और नदियां उफान पर हैं। कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे संबंधित प्रशासन को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है।
राज्य आपात अभियान केंद्र (एसईओसी) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, वलसाड जिले के धरमपुर तालुका और नवसारी के वंसदा में रविवार को सुबह छह बजे तक 24 घंटे की अवधि में क्रमश: 216 और 213 मिलीमीटर बारिश हुई।
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