Home » छत्तीसगढ़ी परंपरा और संस्कृति को फिर से स्थापित कर रही राज्य सरकार

छत्तीसगढ़ी परंपरा और संस्कृति को फिर से स्थापित कर रही राज्य सरकार

by Bhupendra Sahu
  • लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
  • छायाचित्र प्रदर्शनी देखने आए जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में राज्य सरकार के कामों को सराहा

रायपुर । रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित डीडीयू आडिटोरियम में विकासपरक राज्यस्तरीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आज राजनांदगांव जिले के पंचायत प्रतिनिधियों, स्वच्छता दीदियों, युवा मितान और ग्रामीणों ने अवलोकन किया। उन्होंने राज्य सरकार के कामों की एक स्वर में सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी परम्परा और संस्कृति को फिर से स्थापित कर रही है।

महत्वपूर्ण कदम  छायाचित्र प्रदर्शनी देखने आए जनप्रतिनिधियों

डोंगरगढ़ ब्लॉक के मुसरा, मुरमुंदा, बोड़ताल और ढरा से आए स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रदर्शनी में जनहितैषी योजनाओं एवं कार्यक्रमों से लोगों के जीवन में आए बदलावों को देखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वाभिमान की एक नई लहर चली है। अपनी परंपराओं और संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ा जा रहा है। विकास कार्यों की उपलब्धियों का अवलोकन कर उन्होंने कहा कि जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में किया जा रहा प्रयास विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 और ग्रामीणों ने एक स्वर में राज्य सरकार के कामों को सराहा
राजनांदगांव, खैरागढ़, डोंगरगढ़ जनपद से राजधानी आए विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना जैसी कई योजनाएं प्रकृति की रक्षा के साथ किसानों की आय बढ़ाने में कारगर साबित हो रही हैं। गैर वनीय क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी से वृक्षारोपण करने से हरियाली के साथ शुद्ध पर्यावरण मिलेगा, इससे ग्रामीणों की आर्थिक मदद भी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राजीव युवा मितान क्लब के माध्यम से गांव के युवा रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More