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बदल रहा है बस्तर, लोगों के जीवन में आ रहा है सुखद परिवर्तन: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

by Bhupendra Sahu

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान आज बीजापुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम आवापल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां इमली के पेड़ की छांव में ताड़ के पत्तों से बने और आम की पत्तियों के तोरण से सजे पंडाल में आम जनता से सीधे रूबरू होकर राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और लोगों को योजनाओं से मिल रहे फायदों के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने भेंट-मुलाकात में आम जनता से मिले फीडबैक पर कहा कि मुझे खुशी है कि आज बस्तर, सुकमा, बीजापुर बदल रहा है। शासन की योजनाओं से लोगों के जीवन में सुखद परिवर्तन आ रहा है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आम जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्षेत्र के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने आवापल्ली, पामेड़ और बासागुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप में उन्नयन, पालागुड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा संकन पल्ली में उप स्वास्थ्य केन्द्र की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीतापुर, चटलापल्ली, पेगड़ापल्ली, हीरापुर (बुच्चीपारा) पुसगुड़ी, पाकेला, धर्मावरम, चिड़पल्ली, गुंजेपरती, पुजारीकांकेर, मलमपेटां, छुटवाही, कोडांपल्ली एवं तर्रेम आदि कुल 14 गांवों में बिजली पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आवापल्ली में नया रेस्ट हाउस निर्माण, आवापल्ली हाईस्कूल से आवापल्ली गांधी चौक तक नाली निर्माण, हाईस्कूल मुरकीनार का हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नयन, माध्यमिक शाला मोदकपाल के हाईस्कूल में उन्नयन, पामेड़, मोदकपाल में नवीन धान खरीदी केंद्र शुरू करने, माध्यमिक शाला मुरदंडा हेतु स्वयं के भवन निर्माण और आवापल्ली में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री की हर घोषणा का ताली बाजाकर स्वागत किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज, बीजापुर विधायक श्री विक्रम मंडावी और मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2021-22 की पहली किश्त का भुगतान पूर्व प्रधानमंत्री भारत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर 21 मई को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है, जहां खरीफ फसलों के उत्पादक किसानों को इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। तेन्दूपत्ता का भी प्रति मानक बोरा 4000 रूपए मिल रहा है। धान और तेन्दूपत्ता का इतना मूल्य किसी राज्य में नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब कोदो-कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर भी खरीदी कर रही है। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि किसानों, वनवासियों, आदिवासियों और ग्रामीणों की आय बढ़े और उन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात के दौरान आवापल्ली की गायत्री स्व सहायता समूह की श्रीमती रश्मि पोट्टम से गौठान समिति के कामकाज के बारे में पूछा। श्रीमती पोटट्म ने बताया कि उनके समूह 12 सदस्य द्वारा लगभग 441 क्विन्टल वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार किया। इसमें से 12 हजार किलो गोबर बेचकर 24 हज़ार रुपए की आमदनी हुई है, जिसे वे अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने बताया कि समूह के सदस्यों को वर्मी कंपोस्ट की बिक्री से लगभग 1 लाख 40 हज़ार की आमदनी हुई । लाभ की राशि समहू के सदस्यों में 10 हज़ार प्रति व्यक्ति के मान से बांट दिया गया। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि वर्मी कम्पोस्ट बनाने के साथ गौठान में तेल पिराई की मशीन लगाएं टोरा, नीम ,चरोटा का तेल निकालें। उन्होंने कहा कि अब सरकार गोबर के साथ गौ मूत्र की भी खरीदी करेगी, उससे भी पैसा मिलेगा। जिससे लोग मवेशियों को घर में बांधकर रखेंगे और खुली फसल चराई से मुक्ति मिलेगी। गौमूत्र का उपयोग दवाई एवं बीजामृत जैसे औषधियों के निर्माण में किया जाएगा। इस पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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