दुर्ग । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मजदूर दिवस के अवसर 1 मई को बोरे बासी खाने की अपील के बाद दुर्ग के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा ने शुक्रवार को सब्जी मंडी सहित अन्य स्थानों पर श्रमिकों को बोरे बासी खाने का न्यौता दिया है। वोरा ने कहा कि वे सब्जी मंडी में फुटकर सब्जी विक्रेताओं, हमालों के साथ बोरे बासी खाएंगे।
वोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और खानपान के प्रति प्रेम के साथ ही श्रम का सम्मान करने की भावना के साथ यह अपील की है। मुख्यमंत्री ने बोरे बासी खाने की अपील कर वास्तव में लाखों श्रमिकों, हमालों, मजदूरों का सम्मान किया है। यह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदना और उनके मन मे श्रमिकों के सम्मान और अपनेपन को दर्शाता है।
बोरे बासी छत्तीसगढ़ का ऐसा भोजन है जो बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रात भर रख कर बनाया जाता है। सुबह उसमें हल्का नमक डालकर टमाटर की चटनी या अचार और कच्चे प्याज के साथ खाया जाता है। छत्तीसगढ़ के लोग प्राय: सुबह बासी का ही नाश्ता करते हैं। बोरे बासी खाने से न सिर्फ गर्मी और लू से राहत मिलती हैए बल्कि बीपी कंट्रोल रहता है डि.हाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।