देहरादून। सोमवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी के नाम पर मुहर लगी। कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ही उत्तराखंड के 12वें मुख्यमंत्री होंगे। 23 मार्च को धामी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राज्य के गठन के बाद से यह पहला मौका होगा जब लगातार कोई नेता दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा। वहीं, विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बावजूद किसी नेता को फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने का भी यह पहला मामला होगा। वह उत्तराखंड में अब तक के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री हैं। वह उत्तराखंड युवा मोर्च के दो बार अध्यक्ष रहे थे।
पुष्कर सिंह धामी इस बार कांग्रेस के भुवन कापड़ी से चुनाव हार गए। दरअसल, भाजपा ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि सत्ता में आने की स्थिति में धामी को ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा क्योंकि पार्टी उनके नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव लड़ रही थी। धामी के नाम की घोषणा होने के बाद विधानसभा के बाहर भाजपा कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।
बताते चलें कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले धामी को मुख्यमंत्री के रूप में छह महीने का कार्यकाल मिला। इसके बावजूद उन्होंने पांच साल की एंटी इनकंबेंसी के बावजूद भी भाजपा को चुनाव में कुल 70 सीटों में से 47 सीटें दिलाने में सफल रहे। वहीं, कांग्रेस मात्र 19 सीटों पर सिमट गई, जबकि बसपा को दो सीट और निर्दलीय प्रत्याशी भी दो ही सीटें जीत सके। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पुष्कर सिंह धामी ने छह महीने में उत्तराखंड में छाप छोड़ी है। पुष्कर सिंह धामी ने अच्छी सरकार चलाई है, उन्हें सरकार चलाने का अनुभव है।