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हल्के तेलों की मांग बढऩे के बीच लगभग सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

by Bhupendra Sahu

नईदिल्ली । हल्के तेलों की मांग बढऩे के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को लगभग सभी तेल-तिलहन के भाव सुधार के साथ बंद हुए।
बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज शनिवार को बंद थे। लेकिन जाड़े में हल्के तेलों, विशेष रूप से सोयाबीन तेल की मांग बढऩे से इसकी कीमतों में सुधार आया। इस तेजी का असर बाकी सभी तेल तिलहन कीमतों पर भी दिखा और उनके भाव लाभ दर्शाते हुए बंद हुए। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।

सूत्रों ने कहा कि उपलब्धता निरंतर कम होते जाने और मांग बढऩे के बीच सरसों तेल तिलहन के भाव में मजबूती रही। सरसों की किल्लत और मांग बढऩे के बीच आगरा, कोटा वालों ने सरसों की कीमत को 8,700 रुपये से बढ़ाकर 8,800 रुपये प्रति क्विन्टल कर दिया है जिससे सरसों तेल तिलहन के भाव में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि हल्के तेलों में सोयाबीन की मांग बढ़ी है। सोयाबीन के तेल-रहित खल (डीओसी) की साधारण मांग होने से सोयाबीन तिलहन में सुधार आया जबकि जाड़े के मौसम की मांग के कारण सोयाबीन तेल कीमत भी सुधार दर्शाते हुए बंद हुए। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। हल्के तेलों की मांग होने से बिनौला तेल में भी सुधार आया।
सीपीओ और पामोलीन के बारे में सूत्रों ने कहा कि इनके भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए है लेकिन लिवाल बेहद कम हैं। इसके अलावा सीपीओ से हल्के तेल कहीं सस्ते बैठ रहे हैं। जाड़े में उपभोक्ताओं में हल्के तेलों की मांग होती है।
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