Home » बाबा गुरू घासीदास जी ने दुनिया को सामाजिक समरसता का दिया संदेश : मोहम्मद अकबर

बाबा गुरू घासीदास जी ने दुनिया को सामाजिक समरसता का दिया संदेश : मोहम्मद अकबर

by Bhupendra Sahu
  • अभनपुर में आयोजित विशाल शोभायात्रा में शामिल हुए वन मंत्री
  • नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भी कार्यक्रम को किया संबोधित

रायपुर । वन एवं परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने देश व दुनिया को शांति, प्रेम, सदभावना व सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। बाबाजी ने मनखे-मनखे एक समान की जो बात ढाई सौ साल पहले कही थी, उसे पूरी दुनिया ने स्वीकार किया। श्री मोहम्मद अकबर गुरू घासीदास जयंती समारोह के अवसर पर आज अभनपुर में आयोजित विशाल शोभा यात्रा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसके पहले मंत्री श्री अकबर शोभायात्रा में शामिल हुए। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन व श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, अभनपुर के विधायक श्री धनेन्द्र साहू, पद्म श्री डॉ. आर.एस. बारले, सतनामी समाज, श्री राधाकृष्ण टण्डन, श्री कचरू भाई आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि बाबा गुरूघासीदास जी ने कुरीतियों को दूर किया तथा सत्य से लोगों का साक्षात्कार कराया। शांति का संदेश देकर समाज में जात-पात का भेदभाव मिटाया। उन्होंने सत्य का अलख जगाने लगातार यात्राएं की। लोगों को नशामुक्ति का पाठ पढ़ाया। बाबा गुरूघासीदास जी ने सत्य का प्रतीक जैतखाम को बताया। सतनाम पंथ का श्वेत ध्वज शांति का प्रतीक है। बाबाजी ने अपना जीवन समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। यही कारण है कि न केवल देश बल्कि दुनिया ने समानता के सिंद्धात को अंगीकार किया है। आज पूरी दुनिया बाबा गुरू घासीदास जी के बताये रास्ते पर चल रही है।

श्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम में हजारों की संख्या में उपस्थित लोगांे को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रथम सरकार ने बाबा जी की कर्म स्थली गिरौदपुरी में दिल्ली के कुतुब मीनार से ऊंचे जैत खाम की कल्पना कर इसके लिए राशि स्वीकृति की। गिरौदपुरी में स्थापित कुतुबमीनार से ऊंचा जैतखाम सतनाम पंथ की आन-बान-शान का प्रतीक है। कार्यक्रम को नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. डहरिया ने भी सम्बोधित किया।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More