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दिल्ली में वायु गुणवत्ता हुई खतरनाक… धूल के नियमों की धज्जियां उड़ाने पर 92 निर्माण स्थलों पर लगा प्रतिबंध

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार ने राजधानी में 92 निर्माण स्थलों पर धूल के नियमों का उल्लंघन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम दिवाली के एक दिन बाद उठाया गया है, जिसके बाद राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरनाक हो गया है।
दिल्ली के मंत्री ने आगे बताया कि एक आपातकालीन उपाय के रूप में सरकार ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग वॉटर टैंक की मदद से सड़कों पर पानी का छिड़काव भी शुरू कर दिया है। राय ने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए पिछले महीने एक कार्य योजना शुरू की थी, लेकिन दिवाली के दिन पंजाब, हरियाणा में पराली जलाने में वृद्धि हुई थी और राजधानी में कुछ लोगों ने पटाखे भी फोड़े क्योंकि जिनसे प्रदूषण और बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपाय के रूप में हमने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एंटी-स्मॉग वॉटर टैंक की मदद से सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। हमने मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 92 निर्माण स्थलों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा कि पूरी दिल्ली में कुल 114 टैंकर पानी का छिड़काव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मात्रा में पराली जला रहे हैं और अगर पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ती हैं तो इसका असर दिल्ली पर पड़ता है। गोपाल राय ने कहा कि शुक्रवार को पराली जलाने की 3,500 घटनाएं हुईं और आज 4,000 पराली जलाने की घटनाएं हुई हैं। पराली जलाना-धान, गेहूं आदि जैसे अनाज की कटाई के बाद छोड़े गए भूसे की पराली को जलाने की एक प्रक्रिया है।

खेत के अवशेषों को जलाने की प्रक्रिया उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है, जिससे साल के इस समय के आसपास वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है। वाहनों से होने वाले धुएं के साथ यह राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। दिल्ली का एक्यूआई 530 को छू गया है। राजधानी में हवा सांस लेने के लिए खतरनाक हो गई है। केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) के अनुसार, रविवार शाम तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा। हालांकि, बहुत खराब श्रेणी में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। सफर के अनुसार, दिल्ली में शनिवार को प्रदूषण मीटर (पीएम) 2.5 की सांद्रता 306 थी।

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