रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की संकल्पना अब छत्तीसगढ़ के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में मूर्त रूप ले रही है। इसी कड़ी में मरवाही जनपद के सुदूर ग्राम पंचायत उषाड़ में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर सीधे प्रशासन से संवाद किया। शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने तत्काल राहत के निर्देश दिए पेयजल और राशन की समस्या दूर करें। ग्राम कटरा (तुरिझिरिया मोहल्ला) और ग्राम बरौर (पुराना बाजार) में गंभीर पेयजल संकट को देखते हुए नवीन हैंडपंप स्वीकृत किए गए। ग्राम कुम्हारी के हितग्राहियों की सुविधा के लिए एक अतिरिक्त राशन दुकान खोलने की मंजूरी प्रदान की गई।
राजस्व मामलों में हो रही देरी पर कलेक्टर ने सख्त रुख अख्तियार किया। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार और पटवारियों की उपस्थिति में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि अविवादित सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण के सभी प्रकरण एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से निराकृत किए जाएं।
राजस्व विभाग एक महीने के भीतर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाए। जनता को काम के लिए भटकना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारी स्थानांतरण के लिए तैयार रहें। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं लापरवाही हो, तो वे सीधे उच्चाधिकारियों या थाना प्रभारी को सूचित करें।
एक ही छत के नीचे योजनाओं का लाभ
शिविर के दौरान कुल 711 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 116 का तत्काल निराकरण किया गया। विभिन्न विभागों ने अपनी सक्रियता दिखाई। कृषि एवं पशुपालन विभाग को पात्र किसानों को मिनी ट्रैक्टर, रोपा मशीन और उन्नत नस्ल के बकरे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। धरती आबा योजना के तहत लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने, प्रधानमंत्री आवास, पेंशन और जॉब कार्ड से संबंधित लंबित प्रकरणों में तेजी लाने के निदेश कलेक्टर ने दिए।
सामाजिक सरोकार और वितरण
शिविर में प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक खुशियाँ भी साझा की गईं। तीन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। साथ ही किसानों को किसान किताब, मछली जाल, ड्राइविंग लाइसेंस, मितानिन किट और आयुष्मान कार्ड जैसे हितग्राही मूलक सामग्रियों का वितरण किया गया।