भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चंबल मैया का आशीर्वाद मध्यप्रदेश और राजस्थान दोनों प्रांतों को मिल रहा है। हमारा प्रदेश अनेक नदियों के उद्गम के कारण नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश और राजस्थान जोड़ीदार प्रदेश हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से स्वीकृत पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय परियोजना से मध्यप्रदेश और राजस्थान लाभान्वित होंगे। पीकेसी प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश और राजस्थान के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कोटा जिले में श्रीकृष्ण यदुवंशी अहीर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 16 संस्कारों में पाणिग्रहण संस्कार शामिल है। विवाह ही कुल और गोत्र को आगे बढ़ाते हुए अमरता देते हैं। विवाह से जीवन साथी के साथ बेटियों को नए माता- पिता मिलते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामूहिक विवाह समारोह में नव दंपतियों को आशीर्वाद और मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान में सामूहिक विवाह काफी उपयोगी हैं। मेरे अपने बेटे का विवाह सादगी पूर्वक किया था। परिवारों को खर्चीले विवाहों के कारण आर्थिक कष्ट उठाने होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने समाज का मार्गदर्शन किया। धर्म मार्ग पर चलने की सभी को प्रेरणा दी। अनेक कष्ट सहते हुए उनका जीवन एक उदाहरण बना। भगवान श्री कृष्ण ने लोकतंत्र की स्थापना का उदाहरण दिया था, जब कंस के वध के पश्चात स्वयं सत्ता नहीं संभाली। वे लोकतंत्र के सच्चे नायक थे। उन्होंने धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। मध्यप्रदेश सरकार श्रीकृष्ण पाथेय का विकास कर रही है।
लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि आज यदुवंशी समाज के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने दायित्व निर्वहन के लिए गंभीर हैं। समाज के युवा सेना में शामिल होकर सीमा की रक्षा कर रहे हैं। श्री बिरला ने कहा कि यह निश्चित ही प्रशंसनीय है कि यदुवंशी समाज वर्तमान सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य कर रहा है। नि:शुल्क विवाह समारोह का लाभ युवाओं को मिल रहा है। श्री बिरला ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समारोह में आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री बिरला ने नव दम्पतियों को बधाई दी। प्रारंभ में ग्राम रींछी में आयोजित निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन की आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और लोकसभा अध्यक्ष श्री बिरला का आत्मीय स्वागत किया।